अम्बेडकरनगर: आलापुर थाना क्षेत्र से 21 नवंबर को लापता हुए मासूम हिमांशु का अब तक कोई सुराग न लगना जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बेटे की तलाश में थानों और अधिकारियों के चक्कर काटते-काटते थक चुकी मां ने मजबूर होकर अम्बेडकर प्रतिमा के नीचे धरना शुरू कर दिया है। 49 दिन बीतने के बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो 49वें दिन भी भीषण ठंड में धरना जारी है, जबकि प्रशासन अब तक मूकदर्शक बना हुआ है हालांकि तेज़तर्रार पुलिस कप्तान अभिजीत आर शंकर ने हिमांशु की शीघ्र बरामदगी का आश्वासन दिया था।
बाबा साहब की प्रतिमा के नीचे सीने से बेटे की तस्वीर लगाए मां की आंखों से बहते आंसू सिस्टम की बेरुखी की गवाही दे रहे हैं। हर स्तर पर फरियाद के बावजूद न तो जांच में तेजी आई और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी ने पीड़ित परिवार को भरोसे में लेने की जरूरत समझी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रारंभिक दिनों में पुलिस ने सख्ती और गंभीरता दिखाई होती, तो आज स्थिति इतनी भयावह न होती।
यह मामला अब सिर्फ एक बच्चे की गुमशुदगी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता और जवाबदेही के अभाव का प्रतीक बन गया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर 49 दिनों में भी पुलिस क्या हासिल कर सकी? क्या एक गरीब परिवार की पीड़ा सिस्टम के लिए कोई मायने नहीं रखती?
कांग्रेसियो के साथ धरनास्थल पर जुट रहे आम लोगों में भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र ही मासूम का पता नहीं लगाया गया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष कृष्ण कुंअर यादव ने कहा कि अब जरूरत बयानबाजी की नहीं, तत्काल ठोस कार्रवाई की है, ताकि मासूम हिमांशु को ढूंढा जा सके और एक मां को उसका बेटा वापस मिल सके। वरना यह मामला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक काला धब्बा बनकर रह जाएगा।




