तीन दिवसीय मेला में लकड़ी के सामानों के साथ विभिन्न प्रकार का झूला होता है मुख्य आकर्षण का केंद्र
नवागत थानाध्यक्ष के लिए मेला शांतिपूर्ण व सकुशल सम्पन्न कराना रहेगा चुनौतीपूर्ण
अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान एडिटर- मान्यता प्राप्त पत्रकार) टाण्डा के ऐतिहासिक हारून रशीद बाबा के वार्षिक उर्स व मेला की तैयारियां काफी जोरशोर से चल रही है। मेला के मुख्य आकर्षण वस्तुओं के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है। नवागत अलीगंज थानाध्यक्ष राजू श्रीवास्तव के लिए प्रसिद्ध हारून रशीद मेला को शांतिपूर्ण व सकुशल सम्पन्न कराने के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा।
विकास खंड टाण्डा के ग्राम आसोपुर में स्थित प्रसिद्ध दरगाह हारून रशीद बाबा का वार्षिक उर्स व मेला प्रत्येक वर्ष भादों माह के प्रथम रविवार को होता है हालांकि भादों माह के प्रथम शुक्रवार को खाजे की रस्म होती है जिसके बाद आने वाले रविवार को उर्स होता है। उक्त मेला अतिप्रसिद्ध होने के कारण अब धीरे धीरे तीन दिवसीय बन चुका है।
बताते चलेंकि उक्त ऐतिहासिक मेला में जहाँ लकड़ी के सामानों के साथी नारियल, अमावट व हलुआ पराठा मुख्य आकर्षण का केंद्र होता है वहीं उक्त मेला में विभिन्न प्रकार का झूला भी मेलार्थियों को अपनी तरफ आकर्षित करता है।
उक्त मेला में ग्रामीण वासियों सहित भारी संख्या में टाण्डा नगरवासी भी शामिल होते हैं। मेला परिसर में दुकानों व झूला आदि लगाने के स्थानों का चयन तेज़ हो चुका है। उक्त मेला में बाहरी लोगों के साथ स्थनीय लोग भी बड़ी संख्या में दुकानें सजाते हैं जो मेलार्थियों को अपनी तरफ आकर्षित करती है। मेला की सुरक्षा के लिए गैर जनपदीय पुलिस सहित स्थानीय कई थानों की फोर्स भी लगाई जाती है तथा मेला को विशेष निगरानी के लिए सीसीटीवी व रेड्यों कंट्रोल रूम भी बनाया जाता है और मुख्य मेला के अवसर पर वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह पाबन्दी रहती है।





