अम्बेडकरनगर: सड़क चौड़ीकरण के बाद वन निगम द्वारा कई दर्जन हरे पेड़ों की नीलामी करा कर कटान कराई जा रही है जिससे क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
मामल विकास खंड टाण्डा के हंसवर मार्ग का है जहां चिंतौरा से हंसवर के बीच सड़क के किनारे 79 हरे भरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई जा रही है जबकि सड़क चौड़ीकरण का कार्य काफी पहले पूरा हो चुका है लेकिन सड़क से दूर स्थित पीपल, बरगद, पाकड़, आम, नीम, शीशम आदि के पेड़ों की कटाई कराई जा रही है।
टाण्डा वन रेंजर आरपी चौधरी ने बताया कि उक्त पेड़ों की नीलामी वन निगम के डीएलएम (गोंडा व गोरखपुर) द्वारा कराई गई है।
टाण्डा वन दरोगा जे.पी मिश्रा ने बताया कि टाण्डा हंसवर मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के पूर्व वन विभाग की टीम ने छपान (पेड़ों का आंकलन कर प्रत्येक पेड़ों पर नंबर डालना) का काम पूरा कर लिया गया था और बसखारी ब्लाक के पेड़ों की कटान भी पूरी हो गई लेकिन टाण्डा ब्लाक के पेड़ों की नीलामी नहीं हो सकी थी। उन्होंने बताया कि लाट संख्या 65 व 66 पर एक पटरी पर 52 व दूसरी पटरी पर 27 पेड़ों की नीलामी वन निगम द्वारा कराई गई थी जिसकी कटान अब हो रही है।
एक तरफ कहाँ शासन व समाजसेवियों द्वारा पेड़ों को लगाने की मुहिम चलाई जा रही है वहीं दूसरी तरफ टाण्डा हंसवर मार्ग पर वर्षों 79 हरे भरे पेड़ों पर सड़क चौड़ीकरण के नाम पर कुल्हाड़ी चल रही है जबकि सड़क चौड़ीकरण का काम काफी पहले पूरा हो चुका है। क्षेत्रीय लोगों ने कहा कि जो पेड़ सड़क के ठीक किनारे आ रहे थे उनकी कटान तो ठीक है परंतु जो पेड़ सड़क से 5 से 8 फ़ीट की दूरी पर हैं उनको आखिर क्यों काटा जा रहा है।
बहरहाल सड़क चौड़ीकरण कार्य पूरा होने के बाद पूर्व में कई गई छपान का हवाला देकर वर्षों पुराने हरे भरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलने से स्थानीय लोगों व समाजसेवियों में आक्रोश व्याप्त है।





