अम्बेडकरनगर: जमीयत उलेमा-ए-हिंद की जिला इकाई अंबेडकरनगर के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय भव्य इस्लाहे मुआशरा (समाज सुधार) सम्मेलन पूरी शान-ओ-शौकत और सौहार्दपूर्ण माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन का आयोजन मदरसा इस्लामिया अरबिया अनवारुल उलूम भुलेपुर हंसवर के प्रांगण में किया गया, जहां बड़ी संख्या में जमीयत से जुड़े लोगों के साथ धर्मप्रेमी, स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
सम्मेलन का मुख्य विषय “इस्लाहे मुआशरा व इस्तक़बाल-ए-रमज़ानुल मुबारक” रहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उलेमा-ए-किराम ने समाज सुधार, नैतिक मूल्यों की मजबूती, आपसी भाईचारे, युवाओं की सही दिशा और रमज़ान के पाक महीने की अहमियत पर विस्तार से रोशनी डाली।

बतौर मुख्य अतिथि मौलाना सैयद मुहम्मद अज़हर मदनी ने अपने ख़िताब में कहा कि समाज की तरक़्क़ी के लिए नैतिकता, संयम और आपसी एकता बेहद ज़रूरी है। उन्होंने रमज़ान को आत्मसंयम, इबादत और इंसानियत की ख़िदमत का महीना बताते हुए इससे सही मायनों में फ़ायदा उठाने की अपील की।
इसके अलावा मुफ़्ती महबुबुर्रहमान कासमी, हाजी शमसुद्दीन, मौलाना किफ़ायतुल्लाह, मौलाना अदील अहमद, मौलाना अब्दुल्लाह, मौलाना मुहम्मद यासिर, हाफ़िज़ मुहम्मद अनीस, मौलाना मोहम्मद फैज़ान और मुहम्मद शुऐब सहित अन्य विद्वानों ने भी अपने विचार रखे और समाज में फैल रही कुरीतियों से दूर रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम की ख़ास बात यह रही कि सम्मेलन के दौरान जमीयत उलेमा-ए-हिंद का तराना पूरे जोश और एहतराम के साथ पढ़ा गया, जिससे माहौल और भी रूहानी व प्रेरणादायक हो गया।
अंत में आयोजकों ने सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सभी अतिथियों, उलेमा, स्वयंसेवकों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और आपसी सौहार्द को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभाते रहेंगे।








