सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से हंसवर पुलिस द्वारा तिल को ताड़ बनाने वाली खबर की हुई पुष्टि
आम जनता की रक्षा के लिए पहनी खाकी वर्दी को भक्षक बन कर किया बदनाम
अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान एडिटर-मान्यता प्राप्त पत्रकार) हंसवर पुलिस उच्च अधिकारियों को किस तरह भ्रमित करती है इसका ताजा सबूत रामपुर बेनीपुर में गत 09 जून को हुई घटना से ही लगाया जा सकता है।
पुलिस कप्तान केशव कुमार की पूरे जनपद में जहां पुलिस कर्मियों के अवैध धन उगाही पर पूरी तरह पाबन्दी लगाने के लिए सरहाना हो रही है वहीं हंसवर पुलिस तेज़तर्रार पुलिस कप्तान की साख पर बट्टा लगाने से नहीं चूक रहे हैं।
हंसवर पुलिस वारंटी को पकड़ने जाती है लेकिन जब वारंटी नहीं मिलता है तो शक के आधार पर पड़ोस के घर में बिना महिला सिपाही के ही घुस जाते हैं और जब परिजन विरोध करते हैं तो मारपीट भी की जाती है और उच्च अधिकारियों को पूरी तरह भ्रमित कर स्वयं को भीड़ द्वारा ज़बरन घर में बंद करने की झूठी कहानी बनाई जाती है और घर मे घुसने के सवाल पूंछने एवं वीडियो बनाने से नाराज़ खाकी वर्दी धारक रक्षक आधा दर्जन लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुक़दना दर्ज कर पड़ोसी सईद को थाना पर लाकर कहानी गढ़ते हुए उसे जेल भेज दिया जाता है लेकिन पुलिस कर्मियों के घर मे घुसने की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाती है जिसको देखने मात्र से हालात समझ मे आ जाते हैं कि वारंटी कलीम को पकड़ने गई पुलिस टीम शक के आधार पर पड़ोसी के घर मे बिना महिला सिपाही अथवा बिना सर्च वारंट के घुस कर तलाशी शुरू करती है और परिजनों द्वारा मना करने तथा वीडियो बनाने से उक्त टीम आक्रोशित होकर उल्टा पुलिस टीम पर हमला कर घर मे ज़बरन बन्द करने की कहानी उच्च अधिकारियों को सुना कर सहानुभूति हासिल की जाती है। परिजनों का कहना है कि उक्त मामले को उच्च न्यायालय तक ले कर जाएंगे और दोषी सिपाहियों को उनके अवैध कृत्य की सज़ा अवश्य दिलाएंगे।
बहरहाल तिल को ताड़ बना कर उच्च अधिकारियों को गुमराह करने वाली हंसवर पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से एक्सपोज़ हो चुकी है और क्षेत्रीय लोगों द्वारा तेज़तर्रार पुलिस कप्तान केशव कुमार से गलत ढंग से दर्ज मुकदमा को समाप्त कर आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की जा रही है। वायरल वीडियों नीचे देख सकते हैं।