अम्बेडकरनगर: टाण्डा में ई-रिक्शा चालकों ने टैक्सी स्टैंड शुल्क समाप्त करने की मांग किया।
ई रिक्शा चालकों द्वारा कई माह पूर्व मानवाधिकार आयोग से शिकायत किया था कि बिना टेंडर के अवैध ढंग से ई रिक्शा चालकों से जबरन टोकन की वसूली की जाती है।
ई-रिक्शा चालकों ने मानवाधिकार आयोग की शिकायत पर बयान दर्ज कराते हुए कहा कि ई-रिक्शा चालकों द्वारा शासन की निःशुक राशन योजन का लाभ उठाते हुए अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं और ई रिक्शा चालकों के समक्ष इलाज़, शिक्षा आदि भौतिक सुविधाओं की बड़ी समस्या है। टाण्डा में बिना टैक्सी स्टैंड के ही अवैध ढंग से ई-रिक्शा चालकों से जबरन प्रतिदिन 25 रुपये टैक्सी स्टैंड के नाम पर टोकन की वसूली की जाती है जो ई-रिक्शा के परिवारों के लिए काफी मुश्किल होती है। ई-रिक्शा चालकों द्वारा प्रतिदिन 25 रुपये की वसूली को निरस्त करने की मांग की गई है।
अपर उपजिलाधिकारी/प्रभारी अधिशाषी अधिकारी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि ई-रिक्शा चालकों द्वारा मानवाधिकार आयोग से शिकायत की गई थी जिस मामले में शनिवार को ई-रिक्शा चालकों के बयान दर्ज किया गया है और शीघ्र मानवाधिकार आयोग को विस्तृत जांच रिपोर्ट भेज दी जाएगा।





