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डीएम के सम्भावित बाढ़ की किया समीक्षा, कंट्रोल रूम स्थापित, 23 गाँव चिन्हित

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अम्बेडकरनगर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बाढ़ आपदा से निपटने/बचाव एवं राहत कार्यों के प्रबंधन हेतु संभावित बाढ़ की स्थिति से उत्पन्न होने वाली समस्याओं के निराकरण हेतु बाढ़ के पूर्व, बाढ़ के दौरान तथा बाढ़ के पश्चात् की गई तैयारी के संबंध में बैठक आयोजित हुई।


बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद अंबेडकर नगर में बाढ़ को प्रभावित करने वाली नदी घाघरा जिसकी लंबाई 70.4 किलोमीटर तथा तमसा है। जनपद में बाढ़ को प्रभावित करने वाला नाला थिरुआ नाला है तथा जनपद में मुख्य रूप से बाढ़ प्रभावित तहसीलें टांडा एवं आलापुर हैं। तहसील टांडा में बाढ़ से प्रभावित 10 ग्राम जिसमें मांझा उल्टहवा, करमपुर बरसावां , औसानपुर, महरीपुर, नैपुरा, मांझा छज्जापुर, माझा चिंतौरा, मांझा रसूलपुर मुबारकपुर, मांझा कला, मांझा केवटला शामिल है तथा तहसील आलापुर में बाढ़ से प्रभावित 13 ग्राम जिसने ग्राम मांझा कम्हरिया, मांझा आराजी देवारा, मकरही सर्ददीनपुर, मिर्जापुर इंदईपुर , धनुकारा, मंसूरगंज, मुबारपुर पीकार, चहोडा शाहपुर, बरईपुर, इसौरी नसीरपुर, कम्हरिया, बंगालपुर बाढ़ प्रभावित गांव चिन्हित किया गया है।
जनपद में बाढ़ प्रभावित कुल 23 ग्राम हैं, 13 बाढ़ चौकियां व बाढ़ राहत शिविर बनाई गई है।
जनपद किसी भी आपदा में त्वरित सहायता एवं समाधान हेतु बाढ़ राहत कंट्रोल रूम जिला आपदा नियंत्रण कक्ष कलेक्ट्रेट में संचालित कर दिया गया है, जिसका दूरभाष नंबर 05271- 244250, 05271- 244550 है। साथ ही आपदा हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 1077 क्रियाशील है।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि बाढ़ के समय प्रभावित क्षेत्र के आम जनमानस को आवश्यकता अनुसार खाद्यान्न, ईंधन आदि का आकलन कर आपूर्ति हेतु पूर्व से तैयारी कर लें। अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका को निर्देशित किया कि जनपद के नगरीय क्षेत्र में साफ-सफाई तथा नाले के माध्यम से जल निकासी की व्यवस्था सुदृढ़ कर ली जाए, जिससे बाढ़ के दौरान नगरीय क्षेत्र में जल भराव की स्थिति न उत्पन्न हो। जल भराव की स्थिति उत्पन्न होने पर पंपिंगसेट के माध्यम से जल निकासी कराए। बाढ़ के दौरान बंद/अवरुद्ध हो जाने वाले मुख्य मार्गों के अलावा वैकल्पिक मार्गों के मरम्मत का कार्य तथा संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंचने एवं सामग्री आपूर्ति हेतु वैकल्पिक मार्गों का चिन्हीकरण, मार्ग में आयी दरारों और गङ्ढों का भराव, पानी के निकास व्यवस्था, किनारो की मरम्मत तथा पत्थर से भराव कराए जाने हेतु पूर्व से व्यवस्था सुनिश्चित करें। बाढ़ से प्रभावित शरणालय/राहत केंद्र से आपदा क्षेत्र के मध्य संपर्क मार्ग की मरम्मत एवं पुनर्स्थापना तथा पुलो व सड़कों की मरम्मत हेतु आवश्यक उपकरणों व सामग्री की समय से उपलब्धता पूर्व से व्यवस्था सुनिश्चित करें। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ से उत्पन्न होने वाले विभिन्न बीमारियों से निपटने हेतु पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था एवं संक्रामक रोगों एवं महामारियों से बचने हेतु आवश्यक प्रतिरोधात्मक (टीकाकरण) व्यवस्था एवं सघन चिकित्सीय व्यवस्था एवं बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं, दिव्यांग, वृद्ध, दिव्यांग बच्चों को चिन्हित करते हुए सूची तैयार करने हेतु तथा बाढ़ चौकियों पर दवाओं सहित पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती किए जाने संबंधी समस्त तैयारी को पूर्ण रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ के दौरान सर्पदंश से होने वाली घटनाओं से निपटने हेतु पर्याप्त वैक्सीन की उपलब्धता भी सुनिश्चित रखने के निर्देश दिए। इसी के साथ उन्होंने बाढ़ के दौरान पशुओं के चारे के अभाव की स्थिति से भी निपटने हेतु समस्त तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि बाढ़ के दौरान सर्पदंश से होने वाली घटनाओं से निपटने हेतु पर्याप्त वैक्सीन की उपलब्धता रखें।

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