अम्बेडकरनगर: टाण्डा के बहुचर्चित थिरुआ नाला किनारे स्थित धोबी घाट पर भूमाफियाओं के जबरन कब्ज़े के मामले पर पहली बार निवर्तमान सांसद व भाजपा लोकसभा प्रत्याशी ने चुप्पी तोड़ते हुए धोबी समाज के सामने जिलाधिकारी से वार्ता करते हुए कहा कि 1979 में धोबी घाट के आदेश का अमलदरामद कराएं एवं जबरन कब्ज़ा करने वाला चाहे कोई भी हो उसके खिलाफ ठोस कार्यवाही करें।
बताते चलेंकि टाण्डा नगर के नेहरू नगर में थिरुआ नाला के किनारे की भूमि को बिछावट के रूप में दर्ज होने का दावा धोबी समाज कर रहा है लेकिन उक्त आदेश का अभी तक अमलदरामद नहीं कराया गया। उक्त भूमि की खतौनी पूर्व खातेदार के नाम से चली आ रही है जिसे गत दिनों एग्रीमेंट पर बेच दिया गया था और उक्त भूमि को असलहा के बल पर खाली कराने के उद्देश्य से दर्जनों लोग पहुंचे थे जिसमें मौजूदा लोकसभा प्रत्याशी के परिवार के लोग भी मुख्य रूप से शामिल थे। उक्त घटना के बाद से धोबी समाज काफी नाराज था और रितेश पांडेय के खिलाफ मतदान करने का दावा कर रहा था। धोबी समाज की नाराजगी समाप्त कराने का अनवरत प्रयास किया जा रहा है।
धोबी समाज द्वारा रविवार को उक्त विवादित बिछावट मैदान में होली मिलन समारोह आरोजित किया गया जिसमें पहुंचे भाजपा प्रत्याशी रितेश पांडेय ने धोबी समाज की समस्याओं को सुना और आश्वासन देते हुए कहा कि 1979 में बिछावट के रूप में दर्ज हुई भूमि पर जल्द अमल दरामद कराया जाएगा और कोई भी व्यक्ति चाहे उनके परिवार से ही क्यों न हो अगर दुस्साहिक कदम उठाएंगे तो कानून अपना काम निष्पक्ष होकर करेगा। श्री रितेश ने भारी भीड़ के सामने ही जिलाधिकारी को फोन कर वार्ता किया और कहा कि धोबी समाज के दावे की जांच कर प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराएं एवं भू-माफियाओं पर कठोर कार्यवाही भी करें।
भाजपा प्रत्याशी रितेश पांडेय की धोबी समाज सराहना करता नज़र आया लेकिन समाज का रक गुट इसे मतदाताओं को अपनी तरफ आकर्षित करने का खेल बता रहा है।
बहरहाल कुछ भी हो लेकिन भाजपा प्रत्याशी रितेश पांडेय के परिवार से नाराज़ धोबी समाज को मनाने में रितेश पांडेय बहुत हद तक सफल होते नज़र आये हैं।





