अम्बेडकरनगर: उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत तैनात स्वास्थ्य विभाग में संविदा कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बाह में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। मांगो को न मानने की स्थित में आंदोलन को चेतावनी दी है।
संविदा कर्मचारियों ने अपने प्रमुख मांगों और समस्याओं के संबंध में संगठन द्वारा 15 जुलाई को पत्र के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता किए जाने हेतु अनुरोध किया था। लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद भी मांगो का संज्ञान में नहीं लिया गया जिससे प्रदेश भर के लगभग डेढ़ लाख राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त हैं । इसी को लेकर शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलालपुर महिला चिकित्सालय व आयुष्मान आरोग्य मंदिर दलाल टोला जलालपुर द्वारा हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
संविदा कर्मियों ने अपनी दस सूत्रीय मांग थी कि मैचुअल एवं रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण हेतु अनुमोदन एवं संविदा कर्मचारियों हेतु भी प्रत्येक वर्ष स्वयं के अनुरोध पर स्थानांतरण नीति को लागू किया जाए, अतिरिक्त तीन प्रतिशत प्राप्त बजट से वेतन विसंगति का निस्तारण कर वेतन की वृद्धि किया जाए, संविदा कर्मचारियों हेतु EPF, ग्रेड पे, डीए का निर्धारण किया जाए, नियमित पदों के सापेक्ष होने वाली भर्ती प्रक्रिया में संविदा कर्मचारियों को भारांक दिया जाए समेत दस मांगे की। संविदा कर्मियों की कहा उक्त मांगो को पूरा न किए जाने पर विवश होकर 26 वा 27 जुलाई को कर्मचारियों द्वारा काला पट्टी बांध कर कार्य किया जाएगा 29 व 30 जुलाई को एक घंटे अतरिक्त कार्य किया जाएगा, 31 जुलाई व 1 व 2 अगस्त को जनपद स्तर से मुख्यमंत्री को संबोधित 10 सूत्रीय ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा। 3 व 4 अगस्त को भारत सरकार व प्रदेश सरकार के पोर्टल पर किए जाने वाले ऑनलाइन कार्य को बंद कर डिजिटल स्ट्राइक की जाएगी तथा 7 अगस्त को भारी संख्या में लखनऊ पहुंच कर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
इस अवसर पर डॉक्टर विनोद सिंह, डॉक्टर शशीबाला, उमाकांत शर्मा, अभिषेक वर्मा, राहुल वर्मा, राम अवतार, श्वेता वर्मा, वंदना यादव, दीप कौर, सरिता समेत संविदा कर्मचारी मौजूद रहे।


