अधिशाषी अधिकारी नगर पंचायत व थानाध्यक्ष बसखारी के मना करने के बाद भी बस चालकों से हो रही है मनमानी वसूली
खेतों को बनाया गया पार्किंग – मूलभूत सुविधाओं का टोटा
पुलिस के नाम पर प्रत्येक बस चालकों से जबरन हो रही है 100 रुपये की अवैध वसूली
अम्बेडकरनगर: नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा परिक्षेत्र व बसखारी थाना क्षेत्र में स्थित विष्यव विख्यात दरगाह किछौछा में 638वां वार्षिक उर्स व मेला में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला तेज़ हो गया है। उर्स व मेला में आने वाले श्रद्धालुओं से अवैध वसूली रोकने के लिए जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने टांडा तहसील सभागार में आयोजित बैठक के दौरान कड़ी चेतावनी दिया था और ईओ व एसओ बसखारी को निर्देशित किया था कि किसी भी कीमत पर श्रद्धालुओं से अवैध वसूली ना कि जाए।
उक्त मामले में नगर पंचायत ईओ व बसखारी थानाध्यक्ष ने भी अपने अधीनस्थों को कड़ा निर्देश दिया था कि किसी भी श्रद्धालु से अवैध वसूली ना होने दी जाए। जिलाधिकारी के सख्त आदेश पर ईओ व एसओ भले ही सख्त हुए लेकिन नगर पंचायत द्वारा टैक्सी स्टैंड के नाम पर दबंगई से अवैध वसूली की जा रही है। नगर पंचायत के प्राइवेट कर्मचारियों को टैक्सी स्टैंड टोकन वसूली के दौरान बसखारी पुलिस के नाम पर भी 100 रुपया प्रति बस वसूली करते नज़र रहे हैं।बताते चलेंकि नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा में टैक्सी स्टैंड नीलामी ठेका स्थगित है जिसके कारण नगर पंचायत प्राइवेट कर्मियों के सहारे स्टैंड के नाम पर वसूली कर रही है। नगर पंचायत द्वारा आम दिनों में बसों से 156 रुपया वसूला जाता है लेकिन उर्स व मेला के दौरान टोकन की कीमत डबल कर 312 रुपया कर दिया गया है और वसूली करने वाले प्राइवेट कर्मचारी बस चालकों से जबरन 412 रुपया की वसूली कर रहे हैं।
अवैध वसूली की शिकायत पर हकीकत परखने के लिए सूचना न्यूज़ टीम ने 01 अगस्त की रात्रि 09 बजे बसखारी दरगाह मार्ग पर बने बैरियर ओर पहुंची जहां सिद्धार्थनगर से दो बस चालकों से जबरन 410 रुपया की वसूली करते मिले। टोकन वसूली करने वालों से 312 रुपये की जगह 410 रुपया वसूलने के सम्बन्ध में जब सवाल पूंछा गया तो उसने कहा कि सभी से यही लिया जा रहा है। बस चालकों ने कहा कि कहीं भी पार्किंग के नाम पर इतनी वसूली नहीं की जाती है और पार्किंग में शौचालय व पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है जिससे बस चालकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
नगर पंचायत द्वारा प्राइवेट कर्मियों से टैक्सी स्टैंड के नाम पर टोकन वसूली कराई जा रही है जबकि टेक्सी स्टैंड के नाम पर दलदल हुए खेतों में मात्र चन्द ट्यूबलाइट लगा कर इतिश्री कर लिया गया है। पार्किंगों में ना तो अस्थाई शौचालय है और ना ही पानी पीने की समुचित व्यबस्था ही है। टोकन वसूली करने वाला बेखौफ हो कर कहता नज़र आता है कि 100 रुपया पुलिस का लिया का रहा है। ईओ नगर पंचायत व एसओ बसखारी से शिकायत करने पर उक्त दो बस चालकों से अधिक लिया गया 100 – 100 रुपया वापस कराया गया। थानाध्यक्ष बसखारी ने कहा कि अगर कोई लिखित शिकायत मिलती है तो तत्काल मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही किया जाएगा।





