बुनकरों को बिजली सब्सिडी में और अधिक छूट देने की तैयारी का स्वागत: इश्तियाक अहमद अंसारी
अम्बेडकरनगर: शासन द्वारा बुनकरों को बिजली सब्सिडी और अधिक बढाने की कवायद तेज हुई जिससे बुनकर डैमेज में खुशी की लहर दौड़ गई। औद्योगिक बुनकर नगरी के मोहल्लाह सकरावल निवासी बुनकर नेता व समाजसेवी डॉक्टर इश्तियाक अहमद अंसारी ने भी सरकार के कदम का स्वागत करते हुए कहा कि बुनकरों की मांग को सरकार तक उचित ढंग से पहुंचाने में सूबे के मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में पावरलूम बुनकरों को राहत देने के लिए सरकार बिजली सब्सिडी में छूट का दायरा बढ़ाने पर विचार कर रही है। अभी 5 किलोवॉट तक के कनेक्शन पर फ्लैट रेट पर बिजली मिलती है। बुनकर संगठन इसे और बढ़ाने की मांग कर रहे है। सरकार इसे प्रभावी बनाने के लिए ‘अटल बिहारी वाजपेयी पावर बुनकर फ्लैट पावर रेट स्कीम’ में संशोधन कर सकती है।
2006 में बुनकरों को फ्लैट रेट पर बिजली उपलब्ध करवाने की कवायद हुई थी। उस समय किसी भी लोढ के कनेक्शन पर फ्लैट रेट पर बिजली मिल रही थी। योजना के तहत बजट कम आवंटित होने के चलते हथकरघा विभाग का बकाया बिजली विभाग पर बढ़ता ही गया। सूत्रों के अनुसार योजना को व्यावहारिक बनाने के लिए में इसमें संशोधन किया गया और फ्लैट लिए 2019 रेट पर बिजली देने की जगह सब्सिडी का प्रावधान किया गया। यह योजना 75 किलोवॉट तक के पावरलूम कनेक्शनों के लिए अनुमन्य थी। इसके तहत आधा हॉर्स पावर वाले पावरलूम को हर महीने 120 यूनिट तक 3.50 रुपये/यूनिट और 1 हॉर्स पावर वाले पावरलूम कनेक्शन पर 240 यूनिट तक 350 रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी देने का फैसला किया गया। हालांकि, बुनकर इसके लिए तैयार नहीं हुए और योजना लागू नहीं हो पाई।

2023 में आई थी योजना बुनकरों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने 2023 में अटल बिहारी वाजपेयी पावर बुनकर फ्लैट पावर रेट स्कीम लागू की। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आधा हॉर्स पावर के पावरलूम के लिए 300 रुपये/माह और एक हार्स पावर के पावर लूम पर 600 रुपये माह की दर तय की गई। शहरी क्षेत्रों में ये दरें क्रमशः 400 रुपये और 800 रुपये महीना है। हालांकि, ये रेट किलोवॉट तक के कनेक्शन के लिए ही मान्य है। इससे अधिक लोड के लिए सरकार 700 रुपये/हॉर्स पावर जो अधिकतम 9,100 रुपये प्रति महीना हो सकता है, तब की सब्सिडी दी जा रही है। अब बुनकर इसका दायरा बढ़ाकर 20 किलोवॉट तक करने की मांग कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि मौजूदा दरों पर ही 870 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का व्यय भार आ रहा है। सब्सिडी का दायरा बढ़ाने के लिए सरकार को 189 करोड़ रुपये और खर्च करने होंगे। सूत्रों के अनुसार योजना में प्रस्तावित बदलाव के लिए सीएम के समक्ष अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन दिया था। सीएम ने जमीन पर सर्वे और बुनकर संगठनों से बात कर उनकी अपेक्षाओं को समाहित करने के निर्देश दिए है।
सूत्रों के अनुसार प्रदेश में इस समय 3.41 लाख से अधिक पावरलूम है. जिनके लिए बिजली विभाग से लगभग 1 लाख कनेक्शन लिए गए है। इन पावरलूम में लगभग 93 हजार कनेक्शन 5 किलोवॉट तक के है और फ्लैट रेट की सीमा में आते है। लगभग 6,500 कनेक्शन ही ऐसे हैं, जो 5 से 20 किलोवॉट के है। इसलिए, योजना को 20 किलोवॉट तक विस्तृत करने की माग चल रही है। प्रदेश में चल रहे कुल पावरलूम में करीब 3.09 लाख 1 हॉर्सपावर के है। वहीं, कुल 3.41 लाख पॉवरलूम में 83% चार जिलो में ही संचालित है। सबसे अधिक 26% वाराणसी, 24% मऊ, 21% अम्बेडकरनगर और 12% पॉवरलूम मेरठ में चल रहे है। अगर दायरा बढ़ाकर 20 किलोवॉट किया जाता है तो 6,500 से अधिक बुनकर परिवारों को फायदा होगा।
बहरहाल शासन द्वारा बुनकरों के हित के लिए बिजली सब्सिडी दायरा और अधिक बढाने की कवायद तेज होने पर बुनकर नेता व समाजसेवी डॉ इश्तियाक अहमद अंसारी ने स्वागत करते हुए सूबे के मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी के योगदान की सराहना किया है।




