अम्बेडकरनगर: टाण्डा नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक बिना सूद साबित हुई। चेयरमैन, ईओ व सभासदों के बीच आरोप प्रत्यारोपों का सिलसिला जारी है। वार्षिक मूल बजट पास ना होने पर बैठक को निरस्त कर दिया गया।
बताते चलेंकि टाण्डा नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक नगर पालिका के मदनी हाल में शुक्रवार 03 बजे से शुरू हुई। बोर्ड बैठक में कुल तीन विशेष प्रस्ताव व एक साधारण प्रस्ताव रखा गया था। प्रस्ताव संख्या 01 वार्षिक मूल बजट 2024-25 पर चर्चा शुरू हुई तो सभासदों ने कहा कि पूर्व बोर्ड में मूल बजट को निरस्त किया गया था जिसे इस बोर्ड में पास नहीं किया जा सकता है इसके लिए विधिक राय ली जाए और अगले बोर्ड में पुनः रखा जाए।सभासदो का आरोप है कि मूल बजट का प्रस्ताव पास ना होने के कारण बोर्ड़ अध्यक्ष श्रीमती शबाना नाज़ ने बोर्ड को ही निरस्त कर दिया जबकि सभासद अन्य प्रस्तावों पर चर्चा करना चाहते थे।
नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती शबाना नाज़ ने बताया कि कुछ सभासद क्षेत्र का विकास नहीं चाहते हैं और बोर्ड में हंगामा करते है।सभासद जमाल कामिल उर्फ राजू ने बोर्ड में सवाल करते हुए कहा कि जब पूर्व में मूल बजट निरस्त किया गया है तो बिना विधिक राय लिए इस बोर्ड में क्यों प्रस्तावित किया गया। जमाल कामिल सहित मो.ज़ाहिद छोटू, आशीष यादव, मो.नसीम, दशरथ मांझी, पूनम सोनी, मो.नवाब आदि ने नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती शबाना नाज़ व अधिशाषी अधिकारी पर खुला आरोप लगाते हुए कहा कि वो सिर्फ बजट पास करना चाहते हैं जबकि जनहित के अन्य विकास कार्यो पर चर्चा ही नहीं करना चाहते हैं।
पूर्व बोर्ड द्वारा बहुमत के आधार पर मूल बजट के प्रस्ताव को निरस्त करने के बाद पुनः उसी प्रस्ताव को बोर्ड में पास करने में विधिक संकट है जिसके कारण इस बार भी बजट नहीं पास नहीं हो सका। निरस्त के खेल में पेंच फंस गया है।
बहरहाल टाण्डा नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक से हाउस टैक्स को लेकर आम जनता को काफी उम्मीदें थीं लेकिन मूल बजट पास न होने के बाद अन्य विशेष प्रस्तावों पर चर्चा ही नहीं हो सकी और बोर्ड को निरस्त कर दिया गया।




