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आपातकाल काला दिवस कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष ने रोते हुए मांगा न्याय, तीसरे दिन भी न्याय के लिए भटक रही है रिंकल सिंह

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अम्बेडकरनगर: भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रिंकल सिंह तीसरे दिन भी न्याय के लिए भटकती नज़र आ रहीं हैं।
25 जून 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा देश मे लगाए गए आपातकाल के खिलाफ भाजपा प्रतिवर्ष काला दिवस मनाती है। उक्त क्रम में बुधवार को लोहिया भवन में राज्य सभा सदस्य बृजलाल, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राहुल रस्तोगी, भाजपा जिलाध्यक्ष त्रियम्बक तिवारी, पूर्व सांसद रितेश पांडेय आदि की मौजूदगी में काला दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। लोहिया भवन में जहां काला दिवस कार्यक्रम संचालित हो रहा था वहीं कार्यक्रम स्थल के बाहर ही भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रिंकल सिंह अपने बच्चों के साथ धरना पर बैठी नज़र आई जिससे हड़कम्प मच गया।


श्रीमती रिंकल को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया तो वो मंच पर पहुंचते ही फफक फफक कर रो पड़ी और राज्य सभा सदस्य बृजलाल से मदद की गोहार लगाने लगी। श्रीमती रिंकल सिंह को शांत करने के लिए मंचासीन सभी लोग खड़े हो गए और समझने लगे लेकिन इसी बीच श्रीमती रिंकल सिंह राज्यसभा सदस्य बृजलाल के कदमों में गिर पड़ी और न्याय की भीख मांगने लगी। भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष का इस तरह फफक फफक रोने व गिड़गिड़ाने की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रिंकल सिंह के अनुसार उनके गांव में हिस्ट्रीशीटर दबंग द्वारा मेड़बन्दी कर दी गई जिससे उनके घर के सामने जलभराव हो गया और जब उनके पति द्वारा शिकयत की गई तो उन पर जानलरवा हमला कर घायल कर दिया गया और मामले की शिकायत पुलिस से की गई तो स्थानीय पुलिस द्वारा विपक्षी हिस्ट्रीशीटर के पक्ष में काम करने लगी। श्रीमती रिंकल का दावा है कि उन्होंने पार्टी के सभी लोगो से मदद की गोहार लगाई लेकिन फिर भी स्थानीय पुलिस उनका ही उत्पीड़न करने में लगी है।
बताते चलेंकि सोमवार को महरुआ थाना पर पहुंची तो पुलिस द्वारा उनको बेइज्जत करने का प्रयास किया गया लेकिन आत्महदाह की धमकी के बाद पुलिस द्वारा कहा गया कि कल आरोपी को गिरफ्तात कर लेंगे। उक्त आश्वासन पर रिंकल वापस आ गई और मंगलवार को जब विपक्षियों की मौजूदगी की खबर पुलिस को दी गई तो वहां पहुंचे उप निरीक्षक व सिपाहियों ने हिस्ट्रीशीटर को जानबूझ कर भगा दिया और सवाल पूंछने पर उन्हें ज़बरदस्ती उठा कर कई घण्टे तक इधर उधर घुमाती रही तथा काफी अभद्रता किया जिसे वो बदहवास हो गई। उक्त मामले के बाद कटेहरी विधायक धर्मराज निषाद व नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा चेअरमैन ओमकार गुप्ता समर्थकों संग थाना पर पहुंच कर सवाल जवाब किया जिसके बाद महिला सिपाहियों द्वारा श्रीमती रिंकल सिंह को वापस लाया गया जहां भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीसरे दिन बुधवार को भी भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष श्रीमती रिंकल सिंह लोहिया भवन पहुंच कर आपातकाल के खिलाफ चल रहे कार्यक्रम में रो-रो कर अपना दुखड़ा सुनाते हुए मदद की गोहार लगाई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बार चर्चा होने लगी कि भाजपा जहां 1975 में हुए आपातकाल के खिलाफ काला दिवस मना रही है वहीं भाजपा की महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष की रो-रो कर गोहार लगाने को भी तो काला दिन माना जा सकता है। भाजपा की सरकार में ही भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष का ऐसा हाल देख कर तरह तरह की चर्चाएं हो रही है।
बहरहाल भाजपा की डबल इंजन सरकार में भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष का न्याय के लिए इस तरह से गिड़गिड़ाने की चर्चाएं पूरे जनपद ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी होने लगी गई और सोशल मीडिया पर भी चर्चाएं तेज़ हो गई है कि जब संगठन से जुड़ी महिला को इंसाफ के लिए दरबदर भटकना पड़ रहा है तो आम लोगों का क्या हाल होगा।

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