अम्बेडकरनगर: नवगठित राजेसुल्तानपुर नगर पंचायत के चेअरमैन अपने समर्थकों के साथ आखिरकार धरना पर बैठ गए और धरना स्थल पर भाजपा जिलाध्यक्ष के आने की मांग कर रहे हैं जबकि भाजपा जिलाध्यक्ष ने आरोपों को खारिज़ करते हुए कहा कि 10 सभासदों की शिकायत पर भ्र्ष्टाचार के खिलाफ जांच लगने की भड़ास निकालने का प्रयास कोय जा रहा है।
बताते चलेंकि कि राजेसुल्तानपुर नगर पंचायत के अध्यक्ष विनोद प्रजापति व बोर्ड के सभासदों के बीच लगातार खींचातानी चल रही है, सूत्रों के अनुसार सभासद दो गुट में बंटे हुए है जिसमें लगभग 10 सभासद नगर पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ़ व 05 सभासद अध्यक्ष के पक्ष में हैं। सभासदों की गुटबाजी के कारण एक गुट द्वारा भाजपा जिलाध्यक्ष त्रियम्बक तिवारी को ज्ञापन देकर हस्तक्षेप करने की मांग किया था।
राजेसुल्तानपुर नगर पंचायत अध्यक्ष विनोद का आरोप है कि भाजपा जिलाध्यक्ष त्रियम्बक तिवारी उनके कार्यालय में बिना सूचना के आये और उनके साथ अभद्रता करते हुए कार्यालय से भगा दिया तथा सफाई कर्मियों को खड़ा कर उनकी हाजिरी लिया जबकि किसी प्रोटोकॉल में उक्त कृत्य करने का अधिकार पार्टी के जिलाध्यक्ष को नहीं दिया गया है। दूसरी तरफ भाजपा जिलाध्यक्ष त्रियम्बक तिवारी ने आरोपों को खारिज़ करते हुए कहा कि भ्र्ष्टाचार की जांच की भड़ास में निराधार, बेबुनियाद, बकवास आरोप लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के खिलाफ बिना पारदर्शिता के काम करने की शिकायत 10 सभासदों ने लिखित रूप से दिया था जिसकी जांच कराने की सिफारिश की गई है और इसी जांच से घबराये नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा गलत आरोप लगा कर सहानुभूति बटोरने का प्रयास किया जा रहा है।
बताते चलेंकि सपा नेता विनोद प्रजापति निर्दलीय नगर पंचायत अध्यक्ष बने थे लेकिन बोर्ड के सभासदों में सामंजस्य बैठने में पूरी तरफ विफल नज़र आये हालांकि सपा अंदर खाने से विनोद प्रजापति के साथ हर मोड़ पर खड़ी रहती है और अधिकांश सभासदों के खिलाफ होने से नगर पंचायत अध्यक्ष बोर्ड चलाने में पूरी तरह विफल होते नज़र आ रहे हैं तथा सभासदों की शिकायत के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष की नाराजगी एवं भ्र्ष्टाचार की जांच की भड़ास निकालने के लिए व प्रशासन पर दबाव बनाने समर्थकों के साथ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।




