अम्बेडकरनगर: तहसील टांडा के राजस्व ग्राम बसखारी में भू-माफियाओं द्वारा सरकारी चकमार्ग गाटा संख्या 493 और नाली गाटा संख्या 494 पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है।
समाजसेवी जावेद अहमद ने एसडीएम सदर डॉक्टर शशि शेखर को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया है कि गाटा संख्या 516 को जाने वाला रास्ता भूमाफियाओं द्वारा साज़िस के तहत बंद कर दिया गया है, ताकि 516 के खातेदारों को मजबूर कर उनकी ज़मीन औने पौने दामों में खरीदी जा सके। यह सब कथित रूप से क्षेत्रीय लेखपाल की मिलीभगत से किया गया है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि गाटा संख्या 517 और 518 की प्लाटिंग चकमार्ग और नाली पर अतिक्रमण करते हुए की गई है। जिससे गाटा संख्या 516 के खातेदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञात हो पिछले कुछ महीने पहले ही नायाब तहसीलदार टाण्डा ने लेखपालों की टीम बनाकर सरकारी नाली व चकमार्ग की पैमाईश कर भूमाफियाओं द्वारा किये गए अतिक्रमण को हटवाया था मगर नायब तहसीलदार के जाने के बाद क्षेत्रीय लेखपाल ने न तो पिलर लगाया और न ही निशान देही की। जिससे भूमाफियाओं का हौसला बढ़ गया और फिर चकमार्ग और नाली पर अवैध कब्जा कर लिया। पीड़ित ने आरोप लगाया है लेखपाल और कानून गो भूमाफियो के जमीन के धंधे में बिज़नेस पार्टनर है, इसलिए अवैध कब्जा हटवाने में टालमटोल करते हैं और साथ ही साथ पीड़ित ने कहा कि जब सरकारी नाली व चकमार्ग ही नहीं सुरक्षित है तो किसानों की ज़मीन कहा से सुरक्षित रहेगी ,पीड़ित जब उच्चाधिकारियों से लिखित शिकायत करता है तो क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा फ़र्ज़ी रिपोर्ट लगा दी जाती है की रास्ता व नाली सुचारू रूप से चालू है। जबकि हकीकत कुछ और ही । पीड़ित जावेद अहमद ने माँग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जाँच कर दोषी कानून गो, लेखपाल और भूमाफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और चकमार्ग तथा नाली को अतिक्रमण मुक्त कर पुनः मूल स्थिति में बहाल किया जाए। इस प्रकरण को लेकर पीड़ित जावेद अहमद पिछले 13दिनों से कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे हुए हैं। एसडीएम सदर डॉक्टर शशि शेखर ने कहा इस मामले का जल्द ही निस्तारण करवा दिया जाएगा।




