अम्बेडकरनगर: जलालपुर तहसील क्षेत्र के हजपुरा गांव से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां दबंग भूमाफियाओं ने एक गरीब विधवा महिला की करोड़ों रुपये के कीमत की भूमि को अपने नाम बैनामा करवा लिया। पीड़िता न्याय के लिए दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर है, जबकि आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। अब जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
पीड़िता अंजू देवी, निवासी ग्राम मुरवाह, ने जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि जलालपुर तहसील क्षेत्र के राजस्व ग्राम ताजूपुर में स्थित गाटा संख्या 891 की भूमि, जिसकी रकबा तीन बीघा छह विस्वा है, उनके नाम खतौनी में दर्ज है। पति की मृत्यु के बाद परिवार में कोई आर्थिक या पारिवारिक सहारा न होने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं। इसी का फायदा उठाकर क्षेत्र के दबंग और भूमाफिया किस्म के व्यक्तियों अकबर मेहंदी, आलम मेहंदी निवासी कजपुरा, थाना सम्मनपुर , अरविंद कुमार निवासी रुस्तमपुर, और प्रदीप यादव निवासी ताजपुर खानपुर ने महिला को लालच देकर जमीन अपने नाम कराने का प्रयास किया।
जब अंजू देवी ने असहमति जताई, तो आरोप है कि उक्त लोगों ने हथियार के बल पर रजिस्ट्री ऑफिस ले जाकर जबरन बैनामा करवा लिया और कोई भी भुगतान नहीं किया। बाद में जब पीड़िता ने अपने परिवार को पूरी बात बताई, तो कोतवाली जलालपुर में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। लेकिन, आरोप है कि आरोपियों के राजनीतिक रसूख और धनबल के चलते मामले में फाइनल रिपोर्ट लगवा दी गई। न्याय न मिलने पर पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली, लेकिन आर्थिक तंगी और लगातार तारीखों के चलते मजबूत पैरवी न होने से वह न्याय से वंचित रह गई। अब वह अपनी आठ वर्षीय बच्ची के साथ अधिकारियों के चक्कर लगा रही हैं। पीड़िता ने बताया कि भूमाफिया अब उसके जेठ अरविंद पर 40 लाख रुपये देकर समझौते का दबाव बना रहे हैं अन्यथा की स्थित में जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
इस संबंध में जलालपुर क्षेत्राधिकारी अनूप कुमार सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मामले की जांच की जा रही है जांच के उपरांत ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।




