अम्बेडकरनगर: जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बाढ़ टेंडर में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से निविदा निरस्त करने की मांग की गई है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के वरिष्ठ अधिवक्ता विकास शर्मा ने जिलाधिकारी सहित सम्बन्धित अधिकारियों को शिकायती पत्र भेज कर उल्लेख किया है कि एशियन ट्रेडिंग कंपनी मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन लखनऊ तथा श्याम इंडस्ट्रीज सीतापुर व श्याम इंडस्ट्रीज बहराइच द्वारा ना तो सामग्रियों का टेंडर भरते समय नमूना जमा किया गया और ना ही मूल प्रपत्र जमा किए गया लेकिन उसके बावजूद उसके उपरोक्त फार्मो को तकनीकी बिड में चयनित कर लिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि समिति के सदस्यों द्वारा तथ्यों के संज्ञान में लेकर जो टेंडर के नियम बनाए गए थे उसके विरुद्ध बाढ़ राहत टेंडर खोला गया। जो की जीएफआर एवं जेम नियमों के भी विरुद्ध है।
बताते चलेंकि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा 5000 बाढ़ राहत सामग्री के लिए ऑनलाइन निविदा आमन्त्रित किया गया है। बाढ़ राहत सामग्री में लाई, चना, भूना चना, चीनी, बिस्किट, माचिस, मोमबत्ती, नहाने का साबुन, ढक्कनदार बाल्टी, तिरपाल, आटा, चावल, अरहर दाल, आलू, हल्दी, मिर्च, सब्जी मसाला, सरसों का तेल/रिफाइंड, नामक, सैनेटरी पैड, कपड़ा धोने का साबुन, तौलिया, सूती कपड़ा, डिस्पोजल बैग, मैग व डिटेल/सेवलान अर्थात कुल 26 वस्तुएं शामिल है तथा टेक्निकल टेंडर खोलने पर कोई भी प्रपत्र कम होने पर फाइनेंसियल बिड नहीं खोलने एवं बिड ओपन होने से एक दिन पूर्व सभी वस्तुओं का नमूना पेश करना अनिवार्य रखा गया था।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उपरोक्त टेंडर की बिड ओपन होने पर दो संस्थाओं द्वारा ना तो नमूना पेश किया गया और ना ही मूल प्रपत्र जमा किया गया इसलिए उक्त टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की गई है।




