अम्बेडकरनगर: अकबरपुर नगर में वर्षों से सड़कों पर कब्जा जमाए बैठे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बुधवार को नगर पालिका, तहसील व पुलिस प्रशासन के संयुक्त नेतृत्व में एक साथ कई बुलडोजर गरज उठा।
शहर की सबसे व्यस्त और प्रमुख अयोध्या रोड पर एक साथ कई जेसीबी और बुलडोजर उतारे गए और सड़क व फुटपाथ तक फैले अवैध कब्जों को बेरहमी से हटाया गया। कार्रवाई होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
अयोध्या रोड पर दुकानों के बाहर सड़क तक फैले अस्थायी ढांचे, नाली पर रखी गई पट्टियां, छज्जे और सीढ़ियां वर्षों से यातायात व्यवस्था की दुश्मन बनी हुई थीं। दिनभर जाम, पैदल चलने वालों की दुश्वारियां और भारी वाहनों की आवाजाही में बाधा आम बात हो गई थी। नगर पालिका की इस कार्रवाई से सड़क अचानक चौड़ी नजर आने लगी और लंबे समय से जूझ रहे शहर वासियों को जहां राहत की उम्मीद जगी, वहीं छोटे गरीब दुकानदारों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।

अयोध्या (फैज़ाबाद) मार्ग पर बुलडोजर पहुंचते ही दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों ने खुद ही आनन-फानन में अपना सामान समेटना शुरू कर दिया, जबकि शेष अतिक्रमण को मशीनों के हवाले कर दिया गया। नाली पर रखी पट्टियां हटते ही वर्षों से बाधित जल निकासी व्यवस्था भी खुलती नजर आई।
हालांकि कार्रवाई की धार उतनी ही तेज रही, जितने सवाल भी उठ खड़े हुए। मौके पर पहुंचे सपा नेता व समाजसेवी मो. अकमल जुगनू ने अधूरी और चयनात्मक कार्रवाई पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन का बुलडोजर सिर्फ गरीब दुकानदारों और कमजोर वर्ग पर ही क्यों चलता है, बड़े और रसूखदार अतिक्रमणकारी अब भी सुरक्षित क्यों हैं, यदि अतिक्रमण हटाना है तो बिना भेदभाव सभी पर एक जैसा कानून लागू किया जाए।
नगर पालिका की इस सख्ती से जहां आम लोगों ने राहत की सांस ली है, वहीं शहर में यह चर्चा भी तेज है कि क्या यह बुलडोजर अभियान वास्तव में अतिक्रमण मुक्त अकबरपुर की शुरुआत है या फिर कुछ दिनों की औपचारिक कार्रवाई के बाद सब कुछ फिर पुराने ढर्रे पर लौट आएगी।




