अम्बेडकरनगर: औद्योगिक बुनकर नगरी टाण्डा की प्रसिद्ध इस्लामिक धार्मिक संस्था अदारे शरैय्या ने हिफ़्ज़ पढ़ाने की शुरुआत किया है जिससे इस्लामिक धार्मिक ग्रंथ कुरआन पाक को कंठस्थ कराने में सहयोग प्रदान किया जा सके।
अदारे शरैय्या द्वारा पूर्व में संचालित शबीना मकातिब के अतरिक्त अदारे शरैय्या की सकरावल स्थित आफिस में मख़रज के साथ कुरआन पाक सीखने व सिखाने का संकल्प लेते हुए बीते दिन मौलाना अबरार अहमद मिस्बाही व मौलाना मोहम्मद कौनैन मिस्बाही के हाथों शोबा ए हिफ़्ज़ का आगाज़ किया गया है।
कुरआन हिफ़्ज़ (कंठस्थ) शुभारंभ अवसर पर कह गया कि फरमान मुस्तफा सल्ल. है कि “तुम में बेहतर वो है जो कुरआन मुकद्दस सीखे और सिखाये”। हुज़ूर सल्ल. के हुक्म पर अमल करते हुए अदारे शरैय्या के ज़िम्मेदाराना ने ये फैसला किया कि नगर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर शबीना मकातिब की व्यवस्था के साथ साथ तजवीद के साथ कुरआन पाक पढ़ा और पढ़ाया जाए। इसी क्रम में बीते दिन अदारे शरैय्या की आफिस में हिफ़्ज़ पाठ्यक्रम का आगाज़ किया गया। इस दौरान मौलाना अबरार अहमद मिस्बाही ने अपना नूरानी बयान किया और मौलाना मोहम्मद कौनैन को शोबए हिफ़्ज़ संभालने की ज़िम्मेदारी दी गई जो प्रत्येक दिन सुबह 08 बजे से 11 बजे तक बच्चों को कुरान की तालीम देंगे।
इस दौरान प्रोग्राम में मौलाना फैय्याजुद्दीन, मौलाना मोहम्मद अतीक, इमरान अहमद सहित अदारह शरैय्या टाण्डा के तमाम जिम्मेदाराना व स्थानीय लोग मौजूद रहे।





