वंचित समाज को बाबा साहब ने संदेश दिया कि ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’
अम्बेडकरनगर: भारत रत्न, समाज सुधारक, संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर जी की 133 वीं जयंती के अवसर पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय व जनपद के समस्त थानों व कार्यालयों में डा. भीमराव अम्बेडकर जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर सलामी दी गई।
पुलिस अधीक्षक अम्बेडकरनगर डॉ. कौस्तुभ व अपर पुलिस अधीक्षक महोदय पश्चिमी विशाल पाण्डेय व पुलिस कार्यालय में उपस्थित समस्त अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा भारत रत्न डा. भीमराव अम्बेडकर जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें सलामी पेश की गई तथा पुलिस अधीक्षक द्वारा उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि ज्ञान और विलक्षण प्रतिभा संपन्न व्यक्ति के प्रतीक डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी एक शिक्षाविद, कानूनी विशेषज्ञ, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक के रूप में काम किया और राष्ट्र के कल्याण के लिए ज्ञान को आमजन तक पहुंचाया। उनका मूल मंत्र वंचित समुदाय को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ हमेशा प्रासंगिक रहेगा। कानून के शासन में उनकी अडिग आस्था तथा सामाजिक -आर्थिक समानता के लिए उनकी प्रतिबद्धता हमारे लोकतंत्र का संबल है। भारत रत्न डा0 भीमराव अम्बेडकर जी के जन्मोत्सव के इस अवसर पर हम सब को उनके आदर्शों और जीवन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेंना चाहिए और एक समतामूलक तथा समृद्ध राष्ट्र बनाने की दिशा में उद्धत रहना चहिए। टाण्डा सीओ शुभम कुमार द्वारा भी अपने कार्यालय में बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सलामी दी गई।





