अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान-एडिटर इन चीफ/मान्यता प्राप्त पत्रकार) जनपद मुख्यालय से जब औद्योगिक बुनकर नगरी टाण्डा में प्रवेश करते हैं तो कश्मिरिया चौराहा पर सैय्यद ख्वाजा गौहर अली शाह चिश्ती की प्रसिद्ध व ऐतिहासिक दरगाह है जिसको बाबा गौहर अली के नाम से जाना जाता है। उक्त दरगाह का वार्षिक उर्स प्रत्येक वर्ष काफी धूमधाम व हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है। 09 जनवरी से 12 जनवरी के बीच 129वां वार्षिक उर्स मनाया जाएगा जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी है।
सैय्यद ख़्वाजा गौहर अली शाह चिश्ती की दरगाह के सजजादानशीन सरफ़राज़ शाह चिश्ती ने बताया कि 129वां उर्स मुबारक 09 जनवरी मंगलवार को बाद नमाज मगरिब ग़ुस्ल शरीफ व जश्ने चिरागा के साथ शुरू होगा और 10 जनवरी बुधवार को बाद नमाज असर संदल शरीफ जुलूस के साथ दरगाह से निकल कर पूरे शहर का गस्त करके दरगाह में
वापस आएगा तथा बाद नमाज मगरिब कुल शरीफ
बाद नमाज ईशा महफिल शमा (कव्वाली) का आयोजन किया गया है। श्री सरफ़राज़ ने बताया कि उर्स के तीसरे दिन 11 जनवरी गुरुवार को बाद नमाज मगरिब गागर शरीफ व बाद नमाज ईशा महफिल मिलाद शरीफ तथा जियारत नालेंन पाक व जुल्फ मुबारक नबी करीम सल्ल. होगी और बाद महफिल ए शमा (कव्वाली) होगी। उर्स के अंतिम दिन 12 जनवरी शुक्रवार को बाद नमाज असर खिरका पोशी सज्जादा नशीन सरफराज शाह चिश्ती बाद जायरीन को तबर्रुकत गौहरी की जियारत करवाई जायेगी। उक्त सभी मौके पर लंगर-ए-आम का भी आयोजन खानकाह चिश्ती गौहरी द्वारा किया जाता है। बताते चलेंकि दरगाह गौहर अली पर दूर दराज से जायरीनों की भीड़ आती है और इस दरगाह से मलंग की सनद भी प्राप्त होती है।
बहरहाल चार दिवसीय उर्स गौहरी की तैयारियां लागभग पूर्ण हो चुकी है और सजजादानशीन द्वारा दरगाह पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों का एलान कर दिया गया है।






