अम्बेडकरनगर (सूचना न्यूज़ कार्यालय) छूटता जानवरों के लिए शासन की मंशानुसार प्रत्येक विकास खण्ड, नगर पालिका व नगर पंचायतों में स्थायी व अस्थाई गोवंश आश्रय केंद्र बनाया गया है। उक्त केंद्रों पर प्रशासन द्वारा भूसा, चोकर, पशु आहार, हरा चारा, पानी सहित ठंड के मौसम में अलाव की भी व्यवस्था की जाती है लेकिन कई पशु आश्रय स्थलों पर शासन प्रशासन को ठेंगा दिखाने का भी काम किया जाता है।
कटेहरी ब्लाक के टीकमपारा फतेहपुर गाँव में संचालित वृहद गो संरक्षण केंद्र चलाया जा रहा है। उक्त केंद्र पर जानवरों की दुर्दशा के सम्बन्ध में स्थानीय लोगों द्वारा स्थानीय पत्रकारों को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि गत दिनों ग्राम सचिव व प्रधान मृत्यु गोवंश को एक खेत मे फेंक कर भाग गए थे लेकिन जब मामला तूल पकड़ने लगा तो आननफानन में रात्रि के समय ही मृत्यु गोवंश को वाहन पर लादकर गाँव के बाहर ले जाकर दफन किया।
उक्त खबर को कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों व पोर्टलों ने प्रकाशित व प्रसारित किया जिसके बाद प्रशासन द्वारा ज़िम्मेदारों के खिलाफ ठोस कार्यवाही करने के बजाय मीडिया को ही निशाना बनाना शुरू कर दिया और एक एक कर कई समाचार पत्रों को सूचना विभाग द्वारा नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया जिससे पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त हो गया।
गोवंशों की दुर्दशा के सम्बन्ध में समाचार प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन ने अकबरपुर के मिर्जापुर कोरडा में संचालित अस्थाई गो संरक्षण केंद्र का निरीक्षण किया जहां उन्हें भी दो गौवंश बीमार हालात में मिले जिनका इलाज़ किया जा रहा है हालांकि निरीक्षण में दौरान उक्त अस्थाई गो संरक्षण केंद्र पर अन्य व्यवस्थाएं सही पाए गई।
टिकमपारा में संचालित वृहद गो संरक्षण केंद्र के मृत्यु गोवंशों की ख़बर प्रकाशित करने के ममके में नोटिस प्राप्त करने वाले पत्रकारों ने बताया कि सूचना विभाग उच्च अधिकारियों को भ्रमित कर रहा है क्योंकि जिन गोवंशों के बीमार होने एवं समुचित इलाज़ कराने का दावा किया जा रहा है वो दूसरा गोवंश है जबकि जिस मृत्यु गोवंश के सम्बंध में खबर प्रकाशित हुई थी वो दूसरी थी। खबर की पुष्टि इस बात से भी होती है कि जिस खेत में दो गोवंश मरे पड़े थे उस खेत का मालिक स्वयं बता रहा है कि एक सफेद व एक लाल कलर का गोवंश उसके खेत मे था और वो गोवंश टीकमपारा गो संरक्षण केंद्र का था जिसे सचिव व प्रधान वाहन पर लादकर ले गए।
बहरहाल ठंड के मौसम में जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन ने सभी गो आश्रय स्थलों के ज़िम्मेदारों को सख्त हिदायत दिया है कि गोवंशों को ढकने, छप्पर व आग की समुचित व्यवस्था अवश्य की जाए लेकिन ज़िम्मेदार लोगों द्वारा उच्च अधिकारियों को भ्रमित करते हुए मनमाने ढंग से कार्य किया जाता है जिसके नतीजे में कई गो आश्रय स्थलों पर गोवंशों की हालत दयनीय हो जाती है और उसकी खबर प्रकाशित करने के बाद पत्रकारों को नोटिस थमा दी जाती है जिससे पत्रकारों में आक्रोश चल रहा है।





