मैक्स अस्पताल में नौकरी दिलाने के नाम पर की गई थी ठगी
अम्बेडकरनगर: नौकरी के नाम पर लड़कियों को फ़र्ज़ी नियुक्ति पत्र व ट्रेनिंग कराने वाले गैंग का टांडा पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए गैंग लीडर सहित तीन अभियुक्तो को गिरफ्तार कर लिया है।
टांडा पुलिस उपाधीक्षक शुभम कुमार सिंह ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि पुलिस कप्तान केशव कुमार के निर्देश व एडिशनल एसपी विशाल पांडेय के पर्यवेक्षण में टांडा कोतवाली निरीक्षक दीपक सिंह रघुवंशी द्वारा मुकदमा संख्या 372/24 का शीघ्र पर्दाफाश करने का निर्देश दिया गया था जिस पर क्राइम इंस्पेक्टर अनिरुद्ध प्रताप सिंह द्वारा अथक प्रयास कर मामले का खुलासा करते हुए मुख्य अभियुक्त सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पूजा चंदन सहित 10 लड़कियों द्वारा मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया गया था कि कौशल विकास मिशन अन्तर्गत जनरल ड्यूटी असिसटेन्ट (GDA) पैरामेडिकल फोर्स उत्तीर्ण छात्र/छात्राओ को अस्पताल में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा गया है। मुकदमा वादी ने बताया था कि संस्था के प्रशिक्षण केन्द्र पर MAX HOSPITAL के रनविजय सिंह नामक व्यक्ति ने अपना परिचय एच.आर मैनेजर पर कार्यरत होना अवगत कराया तथा यह कहा कि लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर के मैक्स अस्पताल मे नर्सिंग स्टाफ की आवश्यकता है। उसी तातर्म्य के संस्था के उ0प्र0 कौशल विकास के अन्तर्गत GDA ट्रेड के उत्तीर्ण छात्राओ को प्लेसमेंट हेतु साक्षात्कार कराया था। साक्षात्कार के समय उपस्थित मीटिंग में छात्राओ से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा। यह कहकर बायोडाटा तथा आय प्रमाण पत्र लिया गया। उसने कहा दिनांक 10 दिसम्बर 2024 को सभी 15 छात्राओ का ज्वाइनिंग लखनऊ के मैक्स अस्पताल गोमतीनगर मे कराने के लिए बुलाया गया वहां पर 15 छात्राएं पहुंची तो अस्पताल प्रशासन ने ऐसा कोई भर्ती नहीं होने को अवगत कराया। सभी 15 छात्राओ से 4550 रुपया स्कैनर के द्वारा लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र भेज दिया। जब दिये गये फोन नंबर पर काल किया जाता है, तो वह मोबाइल नंबर रिसीव नहीं होता है।
पुलिस के अनुसार पूछने पर अभियुक्तगण द्वारा बताया गया कि अभियुक्तगण द्वारा गैग बनाकर स्कूल कालेज में पढ़ रहे बच्चो को नौकरी का लालच देकर उनके शैक्षिक प्रपत्र लेकर व उनकी फर्जी ट्रैनिग कराकर एवं मैक्स अस्पताल लखनऊ मे नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये लेकर उनको फर्जी नियुक्त पत्र प्रदान करते थे। इसी के क्रम मे विट्ज आईटीआई में जाकर अभियुक्तगण रणविजय द्वारा खुद को अराइज कन्सटेन्सी कम्पनी को इम्पलाइ बताकर वहां पर सेमिनार का आयोजन किया और वहां पर शिक्षा ग्रहण कर रही बालिकाओ से मैक्स अस्पताल में नौकरी दिलाने के नाम पर 4500 रुपये प्रत्येक बालिका से लिया और उनको फर्जी नियुक्त पत्र मैक्स अस्पताल का दिया। जब बालिका वह नियुक्ति पत्र लेकर मैक्स अस्पताल लखनऊ गयी तो वहां जाकर पता चला कि वहां पर कोई वैकेन्सी नहीं है।
बहरहाल नौकरी का लालच दिखा कर जालसाजी करने के लिए गैंग बना कर बालिकाओं को फ़र्ज़ी नियुक्ति पत्र व ट्रेनिंग देने वाले गैंग का टांडा कोतवाली पुलिस ने पर्दाफ़ाश कर तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है।




