अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान – एडिटर इन चीफ) नगरीय निकाय चुनाव की सुगबुगाहट ने एक बार फिर राजनीति से जुड़े लोगों की सक्रियता बढ़ गई है। औद्योगिक नगरी टाण्डा में गत चुनावों का नतीजा देखते हुए सपा का सिम्बल प्राप्त करने वालों की लिस्ट इस बार काफी लंबी हो चुकी है। नगर पालिका परिषद टाण्डा के अध्यक्ष पद के लिए लगभग दो दर्जन नेताओं द्वारा सपा सिम्बल की जुगत भिड़ाई जा रही है जिसमें कई पूर्व चेयरमैन सहित नगर क्षेत्र के उद्योगपतियों का नाम भी प्रकाश में आ रहा है।
एक चर्चा के अनुसार जारी वर्ष के अंतिम माह तक नगरीय निकाय का चुनाव हो सकता है हालांकि चुनाव आयोग की तरफ से अभी तक कोई संकेत नहीं दिया गया है लेकिन ये तय है कि नगरीय निकाय चुनाव बहुत जल्द होना है। जनपद की तीन नगर पालिका परिषद व चार नगर पंचायतों में भी चुनाव होना है जिसके लिए अध्यक्षों व सभासदों की दावेदारों के लिए कई नाम खुल कर सामने आ चुके हैं।
अयोध्या मंडल में “ए” श्रेणी का दर्जा प्राप्त नगर पालिका परिषद टाण्डा में अध्यक्ष पद पर आसीन होने के लिए पूर्व अध्यक्षों सहित कई औद्योगपति भी आतुर हैं। पूर्व निकाय चुनाव के रिजल्ट को देखते हुए बुनकर बाहुल्य नगरी टाण्डा में समाजवादी पार्टी के सिम्बल को जीत का परवाना माना जाता है और इसी कारण टाण्डा में अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने वालों की पहली प्राथमिकता सपा का सिम्बल प्राप्त करना है।
सपा मुखिया अखिलेश यादव द्वारा स्थानीय विधायकों को निकाय चुनाव का प्रभारी बनाने के बाद टाण्डा विधायक राममूर्ति वर्मा से सपा सिम्बल लेने की जुगत लगाने वालों की लंबी फेहरिस्त बन चुकी है। श्री राममूर्ति द्वारा फिलहाल किसी के नाम पर सहमति नहीं जताई गई है लेकिन काफी लोगों द्वारा सपा के बैनर पर अपना नाम व अध्यक्ष पद की दावेदारी खुल कर की जा रही है। सपा सिम्बल की जुगत में जुड़े कई नेताओं का दावा है कि अगर उन्हें सिम्बल नहीं भी मिला तो भी चुनाव लड़ेंगे।
बहरहाल नगरीय निकाय चुनाव की सुगबुगाहट से टाण्डा में सपा का सिम्बल प्राप्त करने की जुगत लगाने वालों की लिस्ट काफी लंबी हो चुकी है और अब देखने वाली बात ये होगी कि किसको कितनी सफलता मिलती है।
टांडा में सपा सिम्बल के दावेदारों की सूची होती जा रही है लम्बी


