अम्बेडकरनगर: टाण्डा तहसील में तहसीलदार निखिलेश कुमार के खिलाफ अधिवक्ताओं का आक्रोश अब विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गया है। महीनों से चल रहे कोर्ट बहिष्कार के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से नाराज़ अधिवक्ता अब सीधे आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष और महामंत्री को भी अपनी ही बिरादरी की बगावत का सामना करना पड़ा।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसीलदार द्वारा कामकाज के नाम पर खुलेआम मुंहमांगी घूस ली जा रही है जिसका “रेट फिक्स” किया जाना चाहिए। इसी के विरोध में तहसीलदार को तत्काल हटाने की मांग तेज कर दी गई है। आंदोलनरत अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन और अधिक उग्र होगा। इस खबर की वीडियो फेसबुक पर देखने के लिए 💐 इसे टच करें
बुधवार को अधिवक्ता दिलीप मांझी के नेतृत्व में तहसील परिसर में जमकर नारेबाजी हुई। प्रशासन के खिलाफ तीखे नारे लगे और चेतावनी दी गई कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, सीधी कार्रवाई चाहिए।
अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया है कि गुरुवार को आमसभा की बैठक आहूत की गई है, जिसमें आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। संकेत साफ हैं—यदि मांगें नहीं मानी गईं तो तहसील में हालात और तनावपूर्ण हो सकते हैं। इंस्ट्राग्राम पर वीडियो देखने के लिए इसे टच करें।
अधिवक्ता संघ ने जिलाधिकारी से तहसीलदार को तत्काल हटाने की मांग दोहराते हुए मांग किया है कि महीनों से चल रहे आंदोलन की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। टाण्डा तहसील इस वक्त प्रशासन बनाम अधिवक्ता आमने-सामने की स्थिति में खड़ी दिखाई दे रही है।




