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बिना पंजीयन के धड़ल्ले से चल रहा है आधा दर्जन स्विमिंग पूल – युवक की मौत के बाद भी नहीं चेता विभाग

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स्विमिंग पूल में डूब रहे नियम कानून – इंट्री के नाम पर की जा रही है मोटी कमाई

अम्बेडकरनगर: जनपद मुख्यालय के अकबरपुर में आधा दर्जन सार्वजनिक स्विमिंग पूल धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं, लेकिन किसी का भी पंजीयन नहीं कराया गया है। इनमें से पांच स्विमिंग पूल ऐसे हैं, जहां नहाने के लिए लोगों से एंट्री फीस भी ली जा रही है। मानकविहीन तरणताल में नहाना जोखिम भरा हो सकता है, ये जानते हुए भी अफसर चुप्पी साधे बैठे हैं। इसी का नतीजा रहा कि गत मंगलवार को गनेशपुर में संचालित मैरिज लॉन के स्विमिंग पूल में नहाते वक्त युवक डूब गया। जानकारी होने के बावजूद इस मामले में अब तक पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। और न ही अन्य चार स्विमिंग पूल की वैधता की जांच कराई गई है।


अकबरपुर नगर पालिका क्षेत्र के शहजादपुर, दोस्तपुर रोड, अकबरपुर रेलवे स्टेशन, अयोध्या मार्ग, मालीपुर रोड पर छह स्विमिंग पूल चल रहे हैं। इनमें अयोध्या मार्ग पर गनेशपुर में संचालित साईं ग्रांट मैरिज लॉन के स्विमिंग पूल में मंगलवार को नहाने आए अहिरौली के अन्नावा बाजार के शिवम अग्रहरि की डूबकर मौत हो गई थी। इस घटना के बाद भी अफसर चुप्पी साधे बैठे हैं, जबकि उन्हें पता है कि स्विमिंग पूल का पंजीयन क्रीड़ा विभाग में नहीं कराया गया है। छह में पांच स्विमिंग पूल अप्रैल से ही चल रहे हैं और लोगों से एंट्री फीस वसूल रहे हैं।
गर्मी उफान पर है और सूरज की तपिश बदन को झुलसा रही है। गर्मी बढ़ी तो जिले में संचालित निजी स्विमिंग पूल में गर्मी से निजात पाने के लिए युवा रुख कर रहे हैं। दुर्भाग्य से अप्रिय घटना को रोकने के लिए स्विमिंग पूल संचालकों के पास कोई बंदोबस्त नहीं हैं। न तो कुशल कोच हैं और न ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम लेकिन इसके बाद भी 50 रुपये से 100 रुपये एंट्री फीस ली जा रही है। किसी को भी लाइफ जैकेट नहीं दी जाती है, प्राथमिक उपचार की भी व्यवस्था नहीं है। पूल में पानी की स्वच्छता का भी कोई प्रमाण नहीं है और ना ही क्लोरीन को सही मात्रा में मिश्रण किया जाता है।
स्विमिंग पूल में डूबे शिवम के घर वालों ने अकबरपुर कोतवाली में कार्रवाई के लिए तहरीर नहीं दी है। कोतवाल वीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि युवक का पोस्टमॉर्टम कराकर शव उनके घरवालों को सौंप दिया गया है। उन्होंने बताया कि मृतक के घरवालों की सूचना पर ही शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया लेकिन केस दर्ज करने को लेकर तहरीर नहीं दी गई।
स्विमिंग पूल के लिए क्षेत्रीय कार्यालय अयोध्या से एनओसी लेने के साथ ही जिला क्रीड़ा अधिकारी कार्यालय से स्वीकृति लेना अनिवार्य है। इसके अलावा पारंगत कोच की व्यवस्था, स्विमिंग पूल से जुड़े उपकरण होने चाहिए। पूल में फिल्टर प्लांट दिनभर में कम से कम चार घंटे चलाया जाना चाहिए। ऑक्सीजन के साथ लाइफ सेविंग किट, पूल पर रजिस्टर होना चाहिए, जिसमें पूल पर आने वाले व्यक्ति का उल्लेख होना चाहिए। चेंजिंग रूम होना भी अनिवार्य है। पूल की गहराई की मार्किंग अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। जिले में एकलव्य स्टेडियम को छोड़ दिया जाए तो अन्य किसी स्विमिंग पूल में ये व्यवस्थाएं नहीं हैं।

अपर जिलाधिकारी डॉक्टर सदानन्द गुप्ता में कहा कि सभी एसडीएम और सीओ को स्विमिंग पूल की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला क्रीड़ा अधिकारी शीला भट्टाचार्य ने बताया कि जनपद में एक भी स्विमिंग पूल का पंजीयन नहींं है। जल्द ही इनकी जांच कराई जाएगी।

बहरहाल जिला मुख्यालय पर बिना रजिस्ट्रेशन के धड़ल्ले से सार्वजनिक स्विमिंग पूल संचालित किया जा रहा है जहां मोटी रकम तो वसूली जा रही है लेकिन सुरक्षा का कोई इंतेज़ाम नहीं है जो चिंता का विषय है।

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