अम्बेडकरनगर: गत दिनों ऑपरेशन सिंदूर के सहारे पड़ोसी देश को देश के जवानों ने कड़ा सबक सिखाने का काम किया था जिसके बाद चारों तरफ सिंदूर को लेकर चर्चाएं हो रही थी। एक राजनीतिक दल द्वारा कई स्थानों पर घर घर सिंदूर भी भेंट किया जा रहा था तो कई तरफ शरीर में खून की जगह सिंदूर होने का दावा भी किया जा रहा था लेकिन वास्तव में सिंदूर इंसान की जान भी ले सकता है।
ताज़ा मामला आलापुर थाना क्षेत्र के सराह हैबत गाँव का है जहां के निवासी रामनवल की पुत्री ममता का विवाह वर्षों पूर्व जलालपुर तहसील क्षेत्र के डीह भियांव गाँव निवासी मदनलाल से हुआ था जिसने ममता को एक पुत्र व चार पुत्रियां भी हैं।
जानकारी के अनुसार ममता अपने मायके में थी और अपने पति से मोबाइल पर वार्ता करते हुए किसी बात को लेकर नाराज़ हो गई और सुहाग की निशानी सिंदूर को पानी में घोल कर पी लिया जिससे उसकी हालत काफी बिगड़ गई। आननफानन में परिजनों में मामला को रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया जहां चिकित्सक ममता की जान बचाने में जुट गए हैं। सीएचसी अधीक्षक आशीष कुमार रॉय ने बताया कि युवती द्वारा सिंदूर पी लेने से उसका स्वास्थ बिगड़ गया जिसका समुचित इलाज़ सीएचसी में जारी है।
बहरहाल देश में गत दिनों सिंदूर पर काफी चर्चाएं हुई और खून की जगह सिंदूर दौड़ने को लेकर काफी कटाक्ष भी हुआ लेकिन वास्तव में सिंदूर जहां सुहाग की निशानी मांग कर उसे महिलाये अपनी मांग भर्ती हैं वहीं सिंदूर का सेवन जीवन के लिए खतरनाक भी हो सकता है।