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शिक्षा माफ़ियाओं के लिए उपजाऊ भूमि साबित हो रहा है जनपद

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अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान एडिटर) शिक्षा माफियाओं के लिए जनपद अम्बेडकरनगर की भूमि काफी उपजाऊ साबित होती जा रही है जिसके कारण जनपद शिक्षा माफियाओं के लिए एक हब के रूप में बदल चुके है जिसका सबूत गत दिनों आधा दर्जन सॉल्वरों की गिरफ्तारी तथा पूर्व में दर्ज एक मुकदमा भी है हालांकि प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही करते हुए शासन स्तर पर डीआईओएस को निलंबित कर दिया तथा स्टेटिक मजिस्ट्रेट, पर्यवेक्षक, केंद्राध्यक्ष व्यवस्थापक पर भी बड़ी कार्यवाही का संकेत दिया है।
जैसा कि सभी जानते हैं कि गत दिनों जलालपुर कोतवाली क्षेत सहित अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र व बसखारी थानाक्षेत्र में भी टीजीटी की परीक्षा के दौरान आधा दर्जन सॉल्वरों की प्रदेश की एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस की मदद से गिरफ्तारी किया जबकि टाण्डा कोतवाली क्षेत्र के पकड़ी भोजपुर में भी कुछ परिक्षर्थियों को विशेष सुविधा देने एवं प्रश्न पत्र देने में हुई देरी के कारण पेपर लीक हो जाने की चर्च को लेकर काफी हंगामा हुआ था।
आपको बताते चलेंकि गत वर्ष भी हाईस्कूल व इंटर की सार्वजनिक परीक्षा की कॉपी चेकिंग के दौरान नंबर बढाने को लेकर भी एक मामला प्रकाश में आया था जिसमें 17 मार्च 2020 को अलीगंज थाना पर मुकदमा संख्या 87/20 पर आईपीसी की धारा 406, 420, 467, 467 व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 व 13(1) डी तथा उप्र सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की धारा 10 के तहत अभियुक्त मो.वामिक पुत्र निसार अहमद निवासी बख्स देवबंद सहारनपुर, मो.मोबीन पुत्र रशीद अहमद निवासी नैपुरा टाण्डा, प्रमोद श्रीवास्तव पुत्र राम आसरे लाल श्रीवास्तव निवासी तरसावा महरुआ, कमर इंतेखाब पुत्र नफीस अहमद निवासी खडडा छपार मुजफ्फरनगर, प्रबंधक व आचार्य कौमी इण्टर कालेज व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
आपको चलेंकि गत दिनों टीजीटी की परीक्षा के दौरान हुए हंगामे के कारण डीएम एसपी ही नहीं बल्कि कमिश्नर व आईजी भी तत्काल टाण्डा पहुंचे थे और टाण्डा कोतवाली में घण्टों कैम्प कर घटना की बारीकियों को समझने का प्रयास किया था। उक्त प्रकरण में डीआईओएस को निलंबित कर दिया गया था तथा साथ ही साथ पर्यवेक्षक शशांक सिंह (जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी) व केंद्राध्यक्ष व्यवस्थापक गिरीश कुमार वर्मा (प्रधानाचार्य किसान इंटर कालेज पकड़ी भोजपुर) तथा स्टेटिक मजिस्ट्रेट मनोज सिंह (अधिशाषी अधिकारी नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा) सहित उपजिलाधिकारी के खिलाफ भी कार्यवाही की प्रक्रिया जारी है।
बहरहाल जनपद में शिक्षा माफियाओं की जड़ काफी मज़बूत होती नजर आ रही है जिसका सबूत गत दिनों टीजीटी परीक्षा में सॉल्वरों की गिरफ्तारी तथा 2020 में अलीगंज थाना पर दर्ज हुआ मुकदमा है जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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