उत्तर भारत इस समय कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में है। लगातार गिरते तापमान और सर्द हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि सुबह और देर रात घर से बाहर निकलना लोगों के लिए बेहद मुश्किल हो गया है। कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम हो गई है, जिससे सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में ठंड का प्रकोप चरम पर है। ठंड से बचने के लिए लोग घरों में अलाव जलाने, हीटर और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए यह मौसम और भी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी शीतलहर और कोहरे के बने रहने की संभावना जताई है।
इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को 1 जनवरी तक बंद करने का आदेश जारी किया गया है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य बच्चों को ठंड से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाना है।
सरकार के इस आदेश से अभिभावकों और विद्यार्थियों ने राहत की सांस ली है। कड़ाके की ठंड में सुबह-सुबह स्कूल जाने को मजबूर बच्चों को अब कुछ दिनों तक आराम मिलेगा। वहीं स्कूल प्रशासन को भी आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। मौसम की मार के बीच सरकार का यह कदम जनहित में सराहनीय माना जा रहा है।





