अम्बेडकरनगर: दरोगा जी, फिर से चोरी हो गई, अब तो मुकदमा लिख दीजिये, नहीं तो मिड-डे मील भोजन नहीं बन पाएगा।
बताते चलेंकि टाण्डा नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मीरानपुरा बालक एक बार फिर चोरों का निशाना बन गया। हैरानी की बात यह है कि इससे पूर्व हुई चोरी की शिकायत पर पुलिस ने समय रहते मुकदमा दर्ज नहीं किया, जिसका नतीजा यह रहा कि चोरों के हौसले बुलंद हो गए और महज एक पखवाड़े के भीतर दोबारा चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया गया।
गत दिनों भीषण ठंड के दौरान विद्यालय में हुए अवकाश का फायदा उठाकर अज्ञात चोरों ने उक्त विद्यालय का सामान पार कर दिया था। इस संबंध में 16 जनवरी को टाण्डा कोतवाली पुलिस को शिकायत पत्र दिया गया, जिसकी जांच करने के बाद क्षेत्रीय दरोगा ने मुकदमा नहीं दर्ज कराया और घटना को मामूली कह कर टाल दिया, जिससे चर्चा है कि उक्त घटना में क्षेत्रीय दरोगा की लापरवाही के चलते मुकदमा दर्ज नहीं किया गया जिस से चोरों का मन बढ़ गया और उन्होंने पुनः विद्यालय को निशाना बना लिया। चोरी की लिखित शिकायत करते हुए सहायक अध्यापिका ने कहा कि दरोगा जी! पुनः चोरी हो गई है, अब तो मुकदमा लिख दीजिये, अन्यथा बच्चों का भोजन नहीं बन पायेगा।
विद्यालय में कार्यरत सहायक अध्यापिका रफत कमाल पत्नी मो. रेहान खाँ, निवासी मोहल्ला मीरानपुरा, टाण्डा के अनुसार वह 31 जनवरी को विद्यालय बंद कर अपने आवास चली गई थीं। 02 फरवरी की सुबह करीब 8:45 बजे जब वह विद्यालय पहुंचीं और गेट का ताला खोलकर अंदर गईं, तो देखा कि परिसर में स्थित कमरे का ताला टूटा हुआ है। चोर कमरे से दो बड़े भगोने, एक परात, एक छोटा स्टील ड्रम, दो गैस सिलेंडर, एक बाल्टी, दो स्टील के ढक्कन और लगभग 30 किलो चावल चोरी कर ले गए। उस समय उनके साथ विद्यालय की शिक्षामित्र एवं प्रभारी अर्चना चक्रवर्ती पत्नी सुरजीत कुमार, निवासी छोटी पैकोलिया भी मौजूद थीं।
विद्यालय में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से शिक्षकों में आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि पहली शिकायत पर ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की होती, तो दूसरी वारदात रोकी जा सकती थी। फिलहाल पुलिस ने दूसरी घटना के बाद अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या लापरवाही के जिम्मेदारों पर भी कोई कार्रवाई होगी।




