मनरेगा कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, अप्रैल से कलमबंद हड़ताल की चेतावनी
अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट:गोपाल सोनकर जलालपुर) मनरेगा कर्मचारियों का जुलाई 2025 से मानदेय न मिलने और ईपीएफ जमा न होने से कर्मचारियों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। नाराज कर्मचारियों ने सोमवार को मनरेगा कर्मचारी महासंघ उत्तर प्रदेश के बैनर तले जलालपुर के खंड विकास अधिकारी दिनेश राम को ज्ञापन सौंपकर जल्द भुगतान की मांग की।
यह ज्ञापन मनरेगा श्रम उपायुक्त को संबोधित था, जिसमें कर्मचारियों ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
मनरेगा कर्मचारी संघ के जिला महामंत्री मनोज ने बताया कि मनरेगा कर्मचारी और अधिकारी सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उच्चाधिकारियों की उदासीनता के कारण जुलाई 2025 से अब तक कर्मचारियों का मानदेय नहीं दिया गया, जबकि कर्मचारियों के ईपीएफ की राशि भी जमा नहीं कराई गई है।
उन्होंने कहा कि इस लापरवाही के कारण ग्राम रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखा सहायक (मनरेगा), तकनीकी सहायक/खंड तकनीकी सहायक और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों को गंभीर आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है। कई बार शासन और उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
जिला महामंत्री ने साफ चेतावनी दी कि यदि मार्च माह के अंत तक बकाया मानदेय और ईपीएफ जमा नहीं किया गया तो अप्रैल से सभी मनरेगा कर्मचारी अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल कर कार्य बहिष्कार करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस दौरान राजमोहन, दिनेश कुमार, जय किशन चौधरी, पूजा पटेल, सीमा भारती, मंसाराम, परशुराम, शशिकला, अखिलेश यादव, रमाकांत शर्मा, दिनेश प्रताप तथा तकनीकी सहायक अशोक दुबे सहित सैकड़ों मनरेगा कर्मचारी मौजूद रहे।








