अम्बेडकरनगर: सरकार द्वारा चारागाह, बंजर, तालाब व खेल मैदान जैसी सार्वजनिक जमीनों को सुरक्षित रखने के सख्त निर्देशों के बावजूद भी राजस्व विभाग की निष्क्रियता से भूमाफियाओं का हौसला बुलंद है। ग्रामीणों की बार-बार की शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने से आए दिन विवाद और टकराव की स्थिति बन रही है।
चुरैला गांव: गांव के राजमन ने गाटा संख्या 1309 (घूर गड्ढे की जमीन) पर विशुन, संग्राम, विपिन आदि द्वारा किए गए अतिक्रमण की शिकायत की थी। यह रास्ता आमजन के आवागमन का मुख्य मार्ग है। राजस्व टीम ने कब्जे को अवैध माना और हटाने का आदेश भी दिया, लेकिन आज तक उसे अमल में नहीं लाया गया। विरोध करने पर विपक्षी गुंडई और फौजदारी पर आमादा हो जाते हैं।
अवधना इस्माइलपुर: विजय बहादुर ने तालाब की जमीन पर सलीम व अन्य लोगों द्वारा किए गए कब्जे की शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन लेखपाल द्वारा केवल कागजी खानापूर्ति कर दी गई, जिससे तालाब की जमीन पर कब्जा और गहराता जा रहा है।
चकौरा गांव: गांव के खेल मैदान (गाटा संख्या 512) व बंजर भूमि (गाटा संख्या 748 ख) पर राम अचल, रामदेव, हरिराम, रंजीत आदि द्वारा जबरन खेती व निर्माण कार्य जारी है। 1 अगस्त को जब बच्चे खेलने पहुंचे तो उनके साथ मारपीट हुई। पुलिस ने कब्जा हटाने की हिदायत दी, लेकिन अब लेखपाल की मिलीभगत से पक्का निर्माण शुरू कर दिया गया है।
ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन अविलंब संज्ञान लेते हुए सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराए और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करे।
उक्त संबंध में जलालपुर उप जिलाधिकारी राहुल कुमार गुप्ता ने बताया कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा शिकायत मिलने पर जल्द ही कार्रवाई करते हुए खाली कराया जाएगा।