अम्बेडकरनगर: जिला मुख्यालय पर कार्यरत पीआरडी जवान की अचानक हुई मौत की खबर से हड़कंप मच गया। पुलिस मित्र के रूप में कार्यरत पीआरडी जवान की मौत के पीछे विभागीय लापरवाही बताई जा रही है हालांकि उसकी मौत की ज़िम्मेदारी कोई नहीं के रहा है।
पुलिस विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने वके पीआरडी जवान विभागीय उपेक्षा का शिकार है। पीआरडी जवानों की ड्यूटियां उनके गांव से काफी दूर लगाई जाती है जिसके कारण अधिकांश पीआरडी जवानों में नाराजगी भी देखी जा रही है।
रामनगर निवासी 56 वर्षीय दीनानाथ की सोमवार की सुबह अचानक उस समय स्वास्थ्य काफी खराब हो गया जब वो अपने घर से ड्यूटी करने अकबरपुर रकडवेज़ के पास पहुंचा था। आननफानन में दीनानाथ को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई। दीनानाथ की मौत के पीछे हार्टअटैक बताया जा रहा है।
काफी सांख्य में पीआरडी जवानों की ड्यूटियां उनके थानों से दूर के थानों पर लगाई जाती है जिससे पीआरडी जवान काफी परेशान होते है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ पीआरडी जवानों ने बताया कि युवा कल्याण अधिकारी के कार्यलय में कार्यरत एक बाबू द्वारा ड्यूटी लगाने के नाम पर पैसा लिया जाता है और अवैध पैसा ना देने के कारण ड्यूटियां दूर दराज लगा कर परेशान किया जाता है।
पीआरडी विभाग के डीओ/युवा कल्याण अधिकारी अतुल सिंह ने बताया कि ड्यूटियां ऑटोमैटिक सिस्टम से लगती है हालांकि ड्यूटी लगाने में कमी को स्वीकार भी किया।
बहरहाल रामनगर निवासी पीआरडी जवान की अकबरपुर ट्राफ़िक में ड्यूटी लगाई गई थी जिसके कारण उसे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और सोमवार की सुबह दिल का दौरा पड़ने के बाद उसकी मौत हो गई। पीआरडी जवान की ड्यूटी उसके गांव से काफी दूर लगाने का जिम्मेदार युवा कल्याण अधिकारी के कार्यालय में तैनात बाबू को बताया जा रहा है हालांकि पीआरडी जवान दीनानाथ की मौत की ज़िम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है।





