अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान, एडिटर – मान्यता प्राप्त)। उत्तर प्रदेश सरकार ने नगर निकायों के हाउस टैक्स, जलकर एवं सीवरकर के लाखों बकायेदारों को बड़ी राहत देते हुए एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू कर दी है। योजना के तहत निर्धारित अवधि में बकाया कर जमा करने पर ब्याज एवं सरचार्ज में छूट मिलेगी। इस निर्णय से टाण्डा नगर पालिका परिषद समेत पूरे प्रदेश के बकायेदारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
विशेष बात यह है कि टाण्डा नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष शबाना नाज़ ने इस संबंध में काफी पहले पहल करते हुए 11 फरवरी 2025 को प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग, उत्तर प्रदेश शासन को आधिकारिक पत्र (पत्र संख्या-1349) भेजकर नगर निकायों में एकमुश्त समाधान योजना लागू करने की मांग की थी।
अपने पत्र में चेयरमैन शबाना नाज़ ने कहा था कि वर्ष 2010-11 से लागू गृहकर निर्धारण तथा वर्षों से बढ़ते हाउस टैक्स और वाटर टैक्स के बकाये के कारण बड़ी संख्या में करदाता आर्थिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। लगातार बढ़ते ब्याज और सरचार्ज के चलते कई लोग मूल कर भी जमा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने शासन से अनुरोध किया था कि बिजली विभाग की तर्ज पर नगर निकायों में भी OTS लागू कर सरचार्ज में छूट दी जाए, ताकि नागरिकों को राहत मिले और नगर पालिका की राजस्व वसूली भी बढ़ सके।अब शासन ने प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में OTS योजना लागू करने का आदेश जारी कर दिया है। योजना 15 जुलाई 2026 से 14 दिसंबर 2026 तक तीन चरणों में संचालित होगी। पहले चरण में सर्वाधिक छूट दी जाएगी, जबकि बाद के चरणों में छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होगा। करदाता ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
टाण्डा नगर पालिका क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जिन पर वर्षों से हाउस टैक्स और वाटर टैक्स का बकाया चला आ रहा है। ऐसे करदाताओं को अब ब्याज एवं सरचार्ज में छूट के साथ बकाया कर जमा करने का अवसर मिलेगा। इससे जहां नागरिकों को आर्थिक राहत मिलेगी, वहीं नगर पालिका की लंबित राजस्व वसूली में भी तेजी आने की संभावना है।
गौरतलब है कि चेयरमैन शबाना नाज़ ने यह मांग सरकार के समक्ष लगभग डेढ़ वर्ष पहले आधिकारिक रूप से रखी थी। अब प्रदेश सरकार द्वारा OTS योजना लागू किए जाने के बाद उनके उस पत्र की भी चर्चा हो रही है। हालांकि, शासन के आदेश में योजना लागू करने का कारण किसी एक पत्र या प्रस्ताव को नहीं बताया गया है। फिर भी स्थानीय स्तर पर इसे टाण्डा नगर पालिका द्वारा उठाए गए मुद्दे के अनुरूप एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।






