अम्बेडकरनगर: एक ओर प्रशासन शांति व्यवस्था बनाए रखने के लाख दावे करता रहा, वहीं दूसरी ओर जलालपुर की सड़कों पर बीती रात कानून व्यवस्था तार-तार होती दिखी। काली व लक्ष्मी-गणेश मूर्तियों के विसर्जन जुलूस के दौरान दो गुटों में हिंसक टकराव हो गया। देखते ही देखते लाठी-डंडे, लोहे की रॉड और पंच चल पड़ीं। कई राउंड मारपीट के बीच अराजक तत्वों ने खुलेआम बीच सड़क पर गुंडागर्दी मारपीट हुई।
घटना जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के बुधवार देर रात अकबरपुर रोड स्थित ला पॉज के पास शुरू हुई, जहां वाजिदपुर और वहेरवातर गांव के दो गुट पुराने विवाद को लेकर भिड़ गए। पहले धक्का-मुक्की, फिर जमकर लाठी-डंडे चले। अफरा-तफरी के बीच पुलिस पहुंची तो उपद्रवी भाग खड़े हुए, लेकिन मामला यहीं नहीं थमा। कुछ ही देर बाद जमालपुर चौराहे और फिर बड़े पुल स्थित चुंगी के पास दोनों गुटों में दोबारा जमकर बवाल हुआ। लाठी डंडे और लोहे की रॉड से लैस युवकों ने एक-दूसरे पर हमला बोल दिया, जिसमें वाजिदपुर निवासी चंद्रशेखर यादव बुरी तरह घायल हो गया जबकि विसर्जन करने जा रहे विश्व हिंदू परिषद नगर मंत्री अंकित यादव, नगर संयोजक बजरंग सत्यम यादव द्वारा बीच बचाव करने लगे जिसमें बजरंग दल के नगर संयोजक सत्यम यादव सहित एक अन्य को भी अराजक तत्वों ने जमकर पिटाई कर दी जिससे बुरी तरह घायल हो गए।
उनके सहयोगी अंकित सबसे ज्यादा चोटिल हो गए हैं। पुलिस ने घायल को थाने लाकर प्राथमिक उपचार दिलाया, जबकि बाकी उपद्रवी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच दो वर्ष पूर्व भी विवाद हुआ था, जो अब फिर से हिंसा में तब्दील हो गया। इस पूरी घटना को लेकर पीड़ित ने दर्जनों लोगों के नाम तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी है, लेकिन जिस तरह विसर्जन के दौरान तीन बार अलग-अलग स्थानों पर बवाल हुआ, उसने पुलिस की चौकसी और इंटेलिजेंस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में तनाव का माहौल है और देर रात तक पुलिस बल तैनात रहा।




