अम्बेडकरनगर: ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की खबर ने जनपद का सियासी और सामाजिक तापमान अचानक बढ़ा दिया। शिया समुदाय का ग़म और ग़ुस्सा सड़कों पर खुलकर नजर आया। जिला मुख्यालय, जलालपुर और टाण्डा सहित शिया बाहुल्य क्षेत्रों में प्रदर्शन, नारेबाज़ी, मजलिस, मातम और कैंडल मार्च का सिलसिला चलता रहा।
लोरपुर ताजन स्थित मस्जिद हुसैनाबाद और टाण्डा के सोगरा बीबी इमामबाड़े में बड़ी संख्या में लोग जुटे। बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक ने कैंडल मार्च में हिस्सा लेकर शोक प्रकट किया।
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धार्मिक नेताओं ने इसे अपूरणीय क्षति बताते हुए संयम और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, जबकि कई स्थानों पर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं भी दर्ज की गईं। कार्यक्रमों के अंत में देश में अमन-ओ-अमान और भाईचारा कायम रहने की दुआ की गई।
इधर, 02 मार्च को होलिका दहन और 04 मार्च को होली पर्व को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में फ्लैग मार्च किया गया है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर चप्पे-चप्पे पर निगरानी बढ़ा दी गई है। सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अफवाह, भड़काऊ बयानबाज़ी या माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई होगी। त्योहारों के बीच उपजे इस संवेदनशील माहौल ने प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी है। आने वाले दो दिन जनपद की शांति और संयम की असली परीक्षा साबित होंगे।





