बलिया (रिपोर्ट अखिलेश सैनी) इंटरमीडिएट अंग्रेजी का प्रश्न पत्र लीक होने के बाद अपनी नाकामी पर पर्दा डालने के लिए जिलाप्रशासन द्वारा बलिया के तीन पत्रकारों अजीत ओझा, दिग्विजय सिंह, मनोज कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिए जाने की घटना ने समूचे प्रदेश के पत्रकारों को झकझोर कर रख दिया है। चारो तरफ आक्रोश की ज्वाला भटक उठी है। इस क्रम में गुरुवार को संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा बलिया के आह्वान पर रसड़ा तहसील के पत्रकारों ने भी नगर के गांधी पार्क में राष्ट्र पिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यर्पण करने के उपरांत गिरफ्तार पत्रकारों की अविलम्ब रिहायी व जिलाधिकारी सहित दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही को लेकर जमकर नारेबाजी की गई। तदोपरांत बाइक से नारेबाजी करते हुए तहसील प्रांगण पहुंचे। जहां प्रदर्शन करने के बाद एसडीएम दीपशिखा सिंह को महामहिम राज्यपाल को सम्बोधित सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। जिसमें उन्होंने गिरफ्तार पत्रकारों की अविलम्ब रिहाई करने,प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाये जाने, सभी प्रकार के पत्रकारों को सूचीबद्ध करने,पत्रकारों के किसी प्रकरण में कथित रूप से संलिप्त होने पर भी।सीओ स्तर के जांच होने के पूर्व पत्रकारों की गिरफ्तारी न करने आदि मांगो पर अमल करने की मांग की। इस अवसर पर इश्तियाक अहमद, शकील अहमद अंसारी, संतोष कुमार सिंह, अखिलेश सैनी ,रमाकांत सिंह, अरविन्द तिवारी,बसंत पाण्डेय,अजय निगम,शिवा नन्द बागले, आलोक पाण्डेय,पिंटू सिंह,कृष्णा शर्मा, सुरेश चंद्र,श्याम कृष्ण गोयल,सुनील सरदास पूरी,मतलूब अहमद,ओमप्रकाश वर्मा,उमाकांत विश्वकर्मा, नियाज अहमद,विनोद वर्मा,देवनारायण प्रजापति,सुमित कुमार गुप्ता,विनोद कुमार शर्मा,नियाज अहमद, सुरेश तिवारी, टुन्ना शर्मा,संजय शर्मा,आशु खरवार, अख्तर अली, सीताराम शर्मा, भगवान पाण्डेय, श्रीमन्नारायण उपाध्याय, विनोद कुमार सोनी आदि तीन दर्जन से अधिक पत्रकार शामिल रहे।
पेपर लीक मामले में अपनी नाकामी छुपाने के लिए प्रशासन कर रहा है पत्रकारों का उत्पीड़न


