बलिया (रिपोर्ट अखिलेश सैनी) यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट अंग्रेजी विषय का पर्चा लीक होने और इसकी खबर लिखने वाले तीन पत्रकारों को गिरफ्तार करने के विरोध में जिले के पत्रकारों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को शहर के टाउन हाल के क्रांति मैदान से सैकड़ों पत्रकार लामबंद होकर बांह पर काली पट्टी बांध कर पैदल नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। परीक्षा की पूरी व्यवस्था का पोल खोलते हुए प्रशासन को कठघरे में खड़ा किए। प्रशासन चौकन्ना रहा। वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन ने गलत कार्य की सूचना देने तीन पत्रकारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर अन्याय है। सवाल उठाया कि जिले में लंबे समय से नकल माफिया को कौन संरक्षण दे रहा है, जब 32 राजकीय और 91 एडेड विद्यालय हैं तो किस मंशा से 137 वित्त विहीन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया। यूपी बोर्ड परीक्षा में हर साल जिले में पर्चा आउट होता रहा है। पेपर भेजने में लापरवाही बरती गई। पर्चा आउट होने के प्रकरण को जब कलमकार लिखना शुरू किए तो उन्हें गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। सभी ने एक स्वर से गिरफ्तार पत्रकारों को सम्मान के साथ रिहा करने की मांग की। सभा के उपरांत कलमकारों ने राज्यपाल को संबोधित एक पत्रक अतिरिक्त एसडीएम राहुल यादव को सौंपा। इस मौके पर भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के जिलाध्यक्ष मधुसुदन सिंह, श्रमजीवी पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनूप हेमकर, अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के जिलाध्यक्ष शैलेश सिंह, वरिष्ठ पत्रकार सुधीर ओझ़ा, हरिनारायण मिश्र,अखिलेश सैनी अखिलानंद तिवारी, नरेंद्र मिश्र, अजय भारती, लवकुश सिंह, अनिल अकेला, संतोष सिंह, अजय राय, रोशन जायसवाल सहित जिले के दो सौ से ज्यादा पत्रकार शामिल रहे।
पेपर लीक की खबर लिखने पर पत्रकार की हुई गिरफ्तारी से आक्रोश


