अम्बेडकरनगर: एनटीपीसी टांडा में विगत वर्षों की भाति इस वर्ष भी विश्व पर्यावरण दिवस ‘भूमि बहाली, मरुस्थलीकरण और सूखा सहन शीलता’ की थीम पर विविध कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। प्रात: परियोजना के कार्यकारी निदेशक ए.के चट्टोपाध्याय, सभी महाप्रबंधकगण, सभी विभागाध्यक्षगण एवं कर्मचारीगण, गरिमा महिला मंडल की सदस्याओं एवं सीआईएसएफ के जवानों द्वारा आवासीय परिसर स्थित सरयू घाट पर पर्यावरण शपथ लेकर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
तत्पश्चात प्रभात फेरी के माध्यम से पर्यावरण के प्रति जागरूकता का सन्देश देते हुए राजकीय विद्युत परिषद इंटर कॉलेज में वृहद वृक्षारोपण किया गया। उक्त अवसर पर कर्मचारी विकास केंद्र में ग्राम प्रधानों को फलदार पौधो का वितरण किया गया ।
कार्यक्रम में टांडा परिवार के सदस्यों को सम्बोधित करते हुये श्री चट्टोपाध्याय ने पर्यावरण के महत्व पर चर्चा करते हुये कहा कि पृथ्वी पर मानव जीवन का अस्तित्व तभी तक सम्भव है जब तक हम अपने आसपास के प्राकृतिक संतुलन को बनाये रख पायेगें। मनुष्य और पेड़ पौधो के बीच जो नैसर्गिक सम्बन्ध है, उसका संतुलन कायम रखने का दायित्व मानव जाति के ऊपर है। उन्होंने कहा कि हमें पोलिथीन मुक्त कॉलोनी बनानी है। साथ ही रीड्यूज़, रिसाईकिल एवं रीयूज पर विशेष बल देते हुए उन्होंने बताया कि हमने हरे कचरे के उपयोग के लिए मशीन से पेलेट बनाने का काम करना शुरू कर दिया है।इसी क्रम में नैगमिक सामाजिक दायित्व के तहत आयोजित कार्यशाला ‘‘बालिका सशक्तीकरण मिशन’’ की बालिकाओं ने पर्यावरण से सम्बंधित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति किया। इस अवसर पर पर्यावरण विभाग द्वारा विश्व पर्यावरण सप्ताह के दौरान पर्यावरण संरक्षण विषय पर कर्मचारियों के लिए पर्यावरण प्रश्नोत्तरी, निबन्ध लेखन, आवासीय परिसर स्थित विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई।




