अम्बेडकरनगर: कोतवाली क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों की घटनाओं ने जलालपुर पुलिस की सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की ढिलाई और गश्त व्यवस्था की कमी के चलते चोरों के हौसले बुलंद हो गए हैं और वे बेखौफ होकर एक के बाद एक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
बीती रात ग्राम पंचायत कैथा में अज्ञात चोरों ने कई स्थानों को निशाना बनाया। ग्राम प्रधान दिनेश चौधरी के प्राथमिक विद्यालय के बगल स्थित ट्यूबवेल से मोटर चोरी कर ली गई, वहीं विद्यालय के स्टोर रूम में रखा हजारों रुपये का सामान भी पार कर दिया गया। गांव निवासी गुरु चरण वर्मा के ट्यूबवेल का ताला तोड़कर मोटर ले जाने का प्रयास किया गया। रोशन लाल के खेत में लगे ट्यूबवेल की जंजीर तोड़कर मोटर चोरी कर ली गई, जबकि साधु के घर में भूसे में रखी तीन बोरी गेहूं भी चोर उठा ले गए। सुबह घटना की जानकारी होते ही गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों का कहना है कि एक ही रात में कई वारदातें होना इस बात का संकेत है कि चोरों को पुलिस का कोई भय नहीं रह गया है। आरोप है कि यदि रात्रि गश्त प्रभावी होती तो इतनी बड़ी घटनाएं संभव नहीं थीं।
इससे पहले सराय चौक स्थित अमूल पार्लर में सेंधमारी कर लगभग 35 हजार रुपये नकद और करीब 10 हजार रुपये के सामान की चोरी हुई थी। सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने के बावजूद अब तक गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है। मित्तूपुर रोड स्थित एस.के. बरतन भंडार के गोदाम में भी चोरी का असफल प्रयास हुआ, जिसकी तस्वीरें कैमरे में कैद हैं। वहीं शिवम कॉलोनी में जनरल स्टोर की दीवार तोड़कर चोरी का प्रयास किया गया, लेकिन लोगों के जागने से चोर फरार हो गए।
लगातार हो रही घटनाओं से व्यापारियों और किसानों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी है। क्षेत्र में चर्चा है कि नवागत कोतवाल की तैनाती के बाद अपराधियों ने सक्रियता बढ़ा दी है, जबकि पुलिस अब तक ठोस कार्रवाई नहीं कर सकी है।
इस संबंध में कोतवाल अजय कुमार यादव ने बताया कि सीसीटीवी के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है और जांच जारी है। हालांकि, क्षेत्रीय जनता का कहना है कि केवल जांच के आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर सख्त कार्रवाई और प्रभावी गश्त की जरूरत है, ताकि चोरों के बढ़ते हौसलों पर लगाम लगाई जा सके।








