अम्बेडकरनगर: टाण्डा नगर पालिका में शासन द्वारा नामित सभासदों का शपथ ग्रहण समारोह पूरी तरह अव्यवस्था और लापरवाही की भेंट चढ़ गया। पांच नामित सभासदों को शपथ दिलाने के लिए आयोजित कार्यक्रम में प्रशासन की गंभीर चूक सामने आई, जहां नामों में भारी त्रुटि के कारण दो सभासद शपथ लेने से वंचित रह गए। यह पूरा घटनाक्रम नगर पालिका की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।

टाण्डा नगर पालिका के सुसज्जित मदनी हाल को छोड़ तहसील सभागार में आनन-फानन में आयोजित कार्यक्रम में एसडीएम टाण्डा डॉ. शशिशेखर सिंह ने शपथ दिलाई। इस दौरान गौतम उपाध्याय, संदीप मांझी और रिदम खन्ना ने शपथ ली, लेकिन संजीव जायसवाल और अंशु बग्गा नामों में गड़बड़ी के चलते शपथ नहीं ले सके।
जानकारी के मुताबिक अंशु बग्गा का वास्तविक नाम मनप्रीत सिंह बग्गा है, जबकि शासनादेश में “अंशु बग्गा” दर्ज कर दिया गया। वहीं संजीव जायसवाल के पिता स्व. तेज प्रकाश जायसवाल के नाम में भी गंभीर त्रुटि पाई गई। हैरानी की बात यह रही कि मंच पर मालाएं पहनाने के बाद भी दोनों को शपथ नहीं दिलाई जा सकी और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि शपथ जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम से पालिकाध्यक्ष श्रीमती शाबान नाज़ सहित अधिकांश सभासद नदारद रहे। भाजपा सभासद दशरथ मांझी, पूनम सोनी, आशीष यादव समेत एक दर्जन से अधिक जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी पूरे आयोजन पर सवाल खड़े कर रही है।
कार्यक्रम में भाजपा जिला उपाध्यक्ष रमेश गुप्ता और नगर अध्यक्ष तेजस्वी जायसवाल अतिथि के रूप में मौजूद रहे, लेकिन अव्यवस्था के कारण पूरा समारोह चर्चा का विषय बन गया।
शासन द्वारा नामित सभासदों के शपथ ग्रहण में नाम तक सही न होना, मंच पर बुलाकर भी शपथ न दिला पाना और जनप्रतिनिधियों की भारी गैरमौजूदगी ने टाण्डा नगर पालिका की तैयारियों की पोल खोल दी है। अब सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही की जिम्मेदारी कौन लेगा। दूसरी तरफ नामित सभासदों के शपथ ग्रहण समारोह से भाजपा नगर कमेटी में कहीं न कहीं गुटबाजी भी देखने को मिली है। नगर पालिका प्रभारी ईओ/एसडीएम न्यायिक टाण्डा नीरज गौत्तम ने बताया नाम संसोधन हेतु शासन को भेजा गया है और जैसे ही पत्र आता है तो उसके बाद दोनों सभासदों को शपथ दिलाई जाएगी।








