अम्बेडकरनगर: नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा में आउटसोर्सिंग सफाई कर्मियों की पूर्ति करने वाली मेसर्स जे.के इंफ्रा को ईओ द्वारा काली सूची में डालने के बाद मामला गरम हो गया है।
नगर पंचायत बोर्ड के सदस्यों व अध्यक्ष ओमकार गुप्ता तथा अधिशाषी अधिकारी संजय जैसवार के बीच शुक्रवार को नगर पंचायत कार्यालय में तीखी नोकझोंक हुई।

बताते चलेंकि नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा के ईओ संयज जैसवार द्वारा 27 फरवरी को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मेसर्स जे.के इंफ्रा को काली सूची में डालने की सूचना दी गई तथा पूरे जनपद में कहीं भी टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने के लिए ब्लैक लिस्ट किया गया है।
नगर पंचायत अध्यक्ष श्री ओमकार ने ईओ श्री संजय पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि सूबे के मुख्यमंत्री की मंशानुसार पूर्व में जारी शासनादेश के क्रम में नगर पंचायत द्वारा भी नगर पंचायत के दायित्यों की समयानुसार पूर्ति करने के उद्देश्य से आदेश जारी कर बिना सूचना के क्षेत्र से बाहर जाने पर पाबंदी लगाई गई थी लेकिन ईओ संजय जैसवार गत 06 फरवरी से बिना किसी सूचना के चले गए और 07 फरवरी को व्हाट्सएप्प के माध्यम से बिना सक्षम अधिकारी को सूचना दिए हुए स्वत: घोषित 17 फरवरी तक अवकाश पर चले गए और आने के बाद भी कोई सूचना नहीं दिया और न कार्यालय में दिखाया पड़े। इस दौरान बोर्ड के सभी सभासदो द्वारा ईओ को फोन कर मिलने की अपील की गई लेकिन इनके द्वारा कभी मुलाकात नहीं कि गई। दो दिन से साफा कर्मियों को कूड़ा गिरने में मुश्किल हुई तो भी इनसे वार्ता किया गया लेकिन इनके द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और 27 फरवरी को मात्र 10 मिनट के लिए कार्यालय पहुंच कर मेसर्स जे.के इंफ्रा कंपनी को काली सूची में डालने सम्बन्धित प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दिया जबकि काली सूची में डालने से पहले ना तो सम्बन्धित संस्था को और ना ही अध्यक्ष व बोर्ड को अवगत कराया गया। आरोप है कि ईओ श्री संजय द्वारा दो माह से वेतन का भुगतान भी नहीं किया गया और नगर पंचायत सम्बन्धित कई मामलों को लंबित रखा गया जिस सम्बन्ध में चेयरमैन द्वारा अलग अलग समय में तीन पत्रों के माध्यम से सूचित भी किया गया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। श्री ओमकार ने कहा कि अब जो भी वार्ता होगी वो कैमरों के सामने होगी जिससे आम जनता को भी मामलों की जानकारी हो सके।
बहरहाल नगर पंचायत किछौछा के ईओ द्वारा आउटसोर्सिंग पर सफाई कर्मी की पूर्ति करने वाली मेसर्स जे.के इंफ्रा को काली सूची में शामिल कर दिया। ईओ व चैयरमैन के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई जिसमें बहस के दौरान ईओ ने स्वयं को नगर पंचायत का ईओ होने से भी इंकार कर दिया। चेयरमैन ने ईओ पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को कई पत्र लिखने का भी दावा किया। उक्त पूरे मामले की जनपद में खूब चर्चाएं चल रही है।




