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नगर पालिका बोर्ड बैठक से वाकआउट करने वाले सभासदों व चेयरमैन के बीच आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला जारी

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नाराज़ सभासदों व डॉ अंकित श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया प्रेस कांफ्रेंस

टाण्डा चेयरमैन श्रीमती शबाना बाज़ ने नाराज़ सभासदों पर लगाया बड़ा गंभीर आरोप

अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान एडिटर-मान्यता प्राप्त) टाण्डा नगर पालिका परिषद बोर्ड बैठक में जहाँ 11 सदस्यों के वाकआउट के बावजूद लगभग 58 करोड़ का मूल बजट व हाउस टैक्स संसोधन कर 50 प्रतिशत कम करने के समिति प्रस्ताव को पास कर दिया गया वहीं वॉक आउट करने वाले सदस्यों पर चेयरमैन श्रीमती शबाना नाज़ ने गंभीर आरोप लगाया है जबकि सभासदों ने भी पलटवार करते हुए चैयरमैन श्रीमती शबाना नाज़ पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इस बीच व्यापारी नेता व समाजसेवी डॉ अंकित श्रीवास्तव नाराज़ सभासदों के साथ खड़े हो गए हैं।


डॉ अंकित श्रीवास्तव व सभासद मो.ज़ाहिद छोटू द्वारा संयुक्त रूप से बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में मंगलवार को हुई नगर पालिका की बोर्ड पर ही सवाल खड़ा कर दिया। श्री ज़ाहिद ने कहा कि जब 11 सदस्यों ने वॉक आउट कर दिया तो बोर्ड में मूल बजट, हाउस व वॉटर टैक्स संसोधन प्रस्ताव व टैक्सी स्टैण्ड ठेका नीलामी को कैसे पास कर दिया गया। टाण्डा चेयरमैन शबाना नाज़ ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि शासन द्वारा हाउस व वॉटर टैक्स बढ़ौतरी करने का प्रस्ताव था जिसको तत्कालीन ईओ ने बिना संज्ञान में डाले ही अखबारों में दर प्रकाशित करवा दिया जिसको जनहित में तत्काल रोक दिया गया और सात सदस्यों की समिति बनाई गई जिसमें मो.ज़ाहिद व जमाल कामिल भी शामिल थे लेकिन उन दोनों ने कमेटी से त्यागपत्र दे दिया जबकि पांच सदस्यों ने पुरानी दर को संसोधित कर आधी का प्रस्ताव बनाया जिसको सदन में बहुमत के आधार पर पास किया गया कि आम जनता को कुछ राहत मिल सके लेकिन इन सदस्यों ने जनहित को दरकिनार कर सदन से ही वॉक आउट कर दिया। श्रीमती शबाना का आरोप है कि नराज़ कुछ सभासदों ने नगर पालिका की दुकानों को तत्कालीन ईओ से मिली भगत कर दुकानदारों से अवैध धन उगाही कर रखा था जिस पर रोक लगाने के बाद नाराज़ हो गए हैं।
सभासद मो.ज़ाहिद का आरोप है कि हाउस व वॉटर टैक्स संसोधन के लिए बनी समिति से त्यागपत्र देने का कारण उच्च न्यायालय में विचाराधीन मुकदमा है। उन्होंने टाण्डा चेयरमैन शबाना नाज़ पर आरोप लगाया कि सिर्फ बजट पास कराने के लिए बोर्ड का सहारा लिया जाता है और जो पैसा खर्च होता है उसका हिसाब नहीं दिया जाता है तथा सभासदों की समस्याओं का निस्तारण भी नहीं होता है। श्री ज़ाहिद ने हाउस व वाटर टैक्स अधिभार समाप्त करने वाला प्रस्ताव बोर्ड में ना शामिल करने का आरोप लगाया एवं पूरे शहर ने एक भी नई लाइट ना लगाने का आरोप लगाया है।
समाजसेवी डॉ अंकित श्रीवास्तव ने कहा कि हमारी लड़ाई श्रीमती शबाना नाज़ के साथ नहीं बल्कि टाण्डा चेयरमैन के खिलाफ है और हम सवाल टाण्डा चेयरमैन से करेंगे। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा के टोकन को समाप्त करने का चुनाव में वादा किया गया था लेकिन उसे समाप्त नहीं किया गया। इस मामले में चेयरमैन श्रीमती शबाना नाज़ ने कहा कि बोर्ड बैठक में सभासद मो.ज़ाहिद छोटू की तरफ से ई रिक्शा पर 50 रुपया टोकन लगाने का प्रस्ताव दिया गया था लेकिन उसे 25 रुपया ही रखा गया है जबकि अन्य स्थानों पर इससे अधिक टोकन शुल्क लागू है। डॉ अंकित श्रीवास्तव व मो.ज़ाहिद छोटू की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में 08 सभासद मौजूद रहे।
बहरहाल टाण्डा चेयरमैन श्रीमती शबाना नाज़ के साथ 13 सभासद हैं जबकि उनके विपक्ष में 11 सदस्य खड़े हुए हैं और विपक्ष के सदस्यों द्वारा जहां चेयरमैन पर आरोप लाग्या जा रहा है वहीं उन सदस्यों पर चेयरमैन द्वारा भी गंभीर आरोप लगाया गया है जिसकी नगर क्षेत्र में खूब चर्चाएं हो रही है।

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