महत्त्वपूर्ण सूचना: आपको अपने मोबाइल पर अलग ध्वनि और कंपन के साथ आपदा संबंधित एक परीक्षण संदेश प्राप्त हो सकता है। कृपया घबराएँ नहीं, यह संदेश वास्तविक आपात स्थिति का संकेत नहीं देता है। यह संदेश एक नियोजित परीक्षण प्रक्रिया के तहत दूरसंचार विभाग, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से भेजा जा रहा है।”
अगर आपके मोबाइल पर अचानक Emergency Alert Message आता है अथवा मोबाइल के इनबॉक्स में ऊपर दिए गए मैसेज की तरह मैसेज आता है तो घबराएं नहीं क्योंकि फिलहाल ये मैसेज सिर्फ टेस्टिंग के लिए है जिसे दूरसंचार विभाग व भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से चेक किया जा रहा है जिससे भविष्य में बाढ़, तूफान, भूकंप आदि जैसी दैवीय आपदा आने पर इस्तेमाल किया जा सके।
भारत सरकार की तरफ से एक बार फिर से स्मार्टफोन यूजर्स को अलर्ट का मैसेज भेजा गया है। हैरानी की बात यह है कि आज 10 अक्टूबर को एक दो बार नहीं बल्कि चार पांच बार इमरजेंसी अलर्ट का मैसेज आया। मोबाइल फोन में बार बार अलर्ट का मैसेज देखकर यूजर्स भी काफी हैरान और परेशान दिखे। लोगों के मन बस एक यही जानने की इच्छा थी कि आखिर बार बार अलर्ट का मैसेज क्यों आ रहा है ?
आपको बता दें कि इस समय भारत सरकार एक खास तरह के अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग कर रही है ताकि जरूरत पड़ने पर सभी मोबाइल यूजर्स को एक साथ मैसेज भेजा जा सके। इसी फीचर को टेस्ट करने के लिए सरकार की तरफ से अलर्ट का मैसेज भेजा रहा है। हालांकि इससे पहले मोबाइल यूजर्स को सिर्फ एक बार ही अलर्ट का मैसेज आया था।
आज आए अलर्ट मैसेज ज्यादातर वीआई यूजर्स को पहुंचे थे लेकिन बाद में यह सभी यूजर्स को सेंड किया गया। बता दें कि भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से मोबाइल यूजर्स को सैंपल मैसेज भेजा है। अगर आपको भी आज बार बार अलर्ट मिल रहा है तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है इसे आप इग्नोर कर दें।
इस अलर्ट का एक मात्र उद्देश्य यह टेक करना है कि किसी आपदा के दौरान सिस्टम ठीक तरह से काम करेगा या नहीं।
इस मैसेज को इग्नोर करें क्योंकि इस यूजर की तरफ से किसी भी तरह की कार्रवाई की जरूरत नहीं है। इसे केवल सिस्टम को चेक करने के लिए भेजा जा रहा है। इस सिस्टम का उद्देश्य सार्वजनिक सिक्योरिटी बढ़ाना और इमरजेंसी स्थिति के दौरान अलर्ट प्रदान करना है।
बता दें कि सेल ब्रॉडकास्ट का उपयोग इमरजेंसी अलर्ट उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है। इसमें अचानक बाढ़ आने, भूकंप आने जैसी विपदाओं का पहले ही पता चल जाता है।




