बलिया (रिपोर्ट अखिलेश सैनी) पुलिस की छवि वैसे तो अक्सर ही सख्त व तल्ख से परिपूर्ण ही देखी व सुनी जाती है किंतु कभी-कभी पुलिस की कर्त्तव्यनिष्ठा तथा मानवीय दृष्टिकोण के नजरिये से किया गया कार्य पुलिस को ममता की प्रतिमूर्ति भी बना देती है।
रसड़ा परिक्षेत्र में कार्य करने वाले 112 नम्बर की पुलिस द्वारा किया एक ऐसा ही कार्य की यहां सर्वत्र सराहना की जा रही है। सोमवार की अपरान्ह 10 बजे हुआ यू कि प्यारेलाल चौराहे पर स्थित रेलवे क्रासिंग के समीप चार वर्षीय मासूम पवित्रा पुत्री श्रीकांत निवासी छितौनी-रसड़ा अपने घर से भटक कर रोती-बिलखती रही। लोग समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर इस मासूम को उसके घर कैसे पहुंचाया जाय। जब एक राहगीर ने 112 नम्बर पुलिस को सूचना दी तो हेड कांस्टेबल कामता प्रसाद व होमगार्ड पंकज कुमार ने वहां पहुंचकर मासूम को रसड़ा कोतवाली ले आये और लगभग तीन घंटे के अथक प्रयास के बाद पवित्रा के माता-पिता का पता लगाकर कोतवाली बुलाकर उन्हें सौंप दिया। मासूम की माता सीमा देवी की मानें तो वह सुबह 8 बजे राशन लेने के कोटे की दुकान पर चली गई। इस बीच बच्ची घर से बाहर निकलकर खेलते-खेलते भटक गई। इस दौरान मासूम की तलाश होती रही किंतु कोई सुराग नहीं मिलने से मासूम के परिजन काफी परेशान व बेबश दिखाई देने लगे। मासूम के माता-पिता जब पवित्रा को कोतवाली लेकर घर पहुंचे तो पुलिस के मानवीय दृष्टिकोण की सर्वत्र चर्चा होती रही।
मासूम पवित्रा के लिए ममता का दूसरा रूप बनी यूपी की डायल 112 पुलिस – सरहाना


