अम्बेडकरनगर: जलालपुर तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर गंभीर आरोप सामने आया है। पीड़ित काश्तकारों का कहना है कि न्याय पाने के लिए उन्हें महीनों तहसील के चक्कर लगाने पड़ता है और बिना रिश्वत दिए कोई भी काम लेखपालों द्वारा नहीं किया जाता है।
ताजा मामला जलालपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम ताहापुर, थाना मालीपुर निवासी अनुराग से जुड़ा है। पीड़ित ने उप जिलाधिकारी राहुल कुमार गुप्ता को लिखित शिकायती पत्र देकर बताया कि उसके पिता अनिल कुमार, जिनके नाम ग्राम सभा की खतौनी दर्ज है, का निधन हो चुका है। पिता की मृत्यु के बाद वरासत के लिए सभी आवश्यक दस्तावेजों व खतौनी के साथ नियमानुसार आवेदन किया गया, लेकिन लिपिकीय त्रुटि के कारण खतौनी में पिता का नाम अनिल कुमार के स्थान पर अली कुमार दर्ज हो गया। नाम में हुई इस गंभीर त्रुटि की जानकारी होने पर पीड़ित ने प्रमाणित दस्तावेजों के साथ संत्रमगढ़ हल्का के लेखपाल को नाम शुद्ध करने हेतु प्रार्थना पत्र दिया। आरोप है कि बार-बार तहसील के चक्कर लगाने के बावजूद लेखपाल ने काम नहीं किया और अंततः नाम सुधार के बदले 3000 रुपया रिश्वत की मांग कर दी। पीड़ित अनुराग का कहना है कि वह गरीब परिवार से है और इतनी रकम देने में असमर्थ है, जिसके कारण अब तक खतौनी में दर्ज गलत नाम को सही नहीं किया गया। इससे उसे आए दिन सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पीड़ित ने उप जिलाधिकारी से खतौनी में नाम शुद्ध कराने के साथ-साथ संबंधित लेखपाल के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है।
इस संबंध में जलालपुर उप जिलाधिकारी राहुल कुमार गुप्ता ने भ्रष्ट लेखपाल का बचाव करते हुए बताया कि शिकायतकर्ता के शिकायती पत्र के आधार पर जांच करवा कर नाम का संशोधन कराया जा रहा है।




