अम्बेडकरनगर: फतेहपुर के बिंदकी तहसील में अधिकारियों के कथित उत्पीड़न से क्षुब्ध होकर लेखपाल सुधीर कुमार द्वारा की गई आत्महत्या के विरोध में जलालपुर तहसील के लेखपाल शुक्रवार को आक्रोशित दिखे। तहसील परिसर में लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए छह सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री को उपजिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा और मुख्य आरोपी का नामजद एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
लेखपाल संघ की मांगों में प्रमुख रूप से पीसीएस अधिकारी संजय कुमार सक्सेना का नाम एफआईआर में शामिल करना, मृतक की माता को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देना और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करना शामिल है। साथ ही एसआईआर की अंतिम तिथि बढ़ाने, लेखपालों पर अनावश्यक दबाव न बनाए जाने तथा अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। संघ ने यह भी मांग रखी है कि सामान्य व निर्वाचन कार्यों के दौरान अपरिभाषित ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को एक माह के वेतन के बराबर प्रोत्साहन राशि दी जाए।
धरना स्थल पर जलालपुर तहसील उपाध्यक्ष विवेक यादव, तहसील मंत्री अजय प्रताप, जिला उपाध्यक्ष बृजेश कुमार वर्मा, पूर्व तहसील मंत्री रविकांत तिवारी, कोषाध्यक्ष संतोष कुमार, पूर्व ऑडिटर अरविंद कुमार, दिनेश कुमार, ममता गुप्ता समेत बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।
विदित हो कि फतेहपुर जिले के 2024 बैच के लेखपाल सुधीर कुमार की शादी 26 नवंबर 2025 को होनी थी। बताया जा रहा है कि वह कई दिनों से अवकाश मांग रहा था, लेकिन उच्च अधिकारियों ने उसकी छुट्टी स्वीकृत नहीं की। इसी बीच एसआईआर की बैठक में शामिल न होने पर उसे निलंबित कर दिया गया।आरोप है कि डिप्टी कलेक्टर संजय कुमार सक्सेना और नायब तहसीलदार के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक शिवराम ने उसके घर पहुंचकर एसआईआर कार्य शीघ्र पूरा न करने पर सेवा समाप्ति की चेतावनी दी थी। लगातार दबाव और उत्पीड़न से मानसिक रूप से टूटकर सुधीर ने आत्महत्या कर ली।




