डीएम के आदेश पर स्कूलों का बदला समय, लेकिन क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था नाकाफी
अम्बेडकरनगर: क्षेत्र में दो दिन से लगातार छाए घने कोहरे और कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रहने से आम लोगों के साथ-साथ स्कूल जाने वाले नौनिहालों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ठिठुरन के बीच छोटे-छोटे बच्चे जबरन स्कूल जाने को मजबूर हैं, जिससे अभिभावकों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।
अभिभावकों का कहना है कि भीषण ठंड और घने कोहरे में बच्चों को सुबह घर से निकालना जोखिम भरा है। कई जगहों पर ठंड से बच्चे बीमार पड़ रहे हैं, बावजूद इसके स्कूलों का संचालन जारी रहने से उनकी चिंता और बढ़ गई है।
इसी बीच स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने 12 तक के सभी बोर्ड के स्कूलों के संचालन समय में बदलाव का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार अब विद्यालय प्रातः 10 बजे से अपराह्न 03 बजे तक संचालित किए जाएंगे, ताकि बच्चों को अत्यधिक ठंड और कोहरे से कुछ राहत मिल सके। हालांकि अभिभावकों का कहना है कि समय में बदलाव राहत तो है, लेकिन जब तक ठंड का प्रकोप कम नहीं होता, तब तक और सख्त कदम उठाने की जरूरत है। गुरुवार को कई विद्यालयों द्वारा डीएम कादेश के बाद भी समय में बदलाव नहीं किया गया जिससे नौनिहाल ठिठुरन में स्कूल जाने और विवश नज़र आये जिससे अभिभवको में आक्रोश व्याप्त रहा।
दूसरी ओर, शीतलहर के बावजूद सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। कई प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में या तो अलाव जल ही नहीं रहे हैं या फिर उनकी संख्या बेहद कम है। इससे राहगीरों, मजदूरों और गरीब तबके को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि अलाव की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से बढ़ाया जाए और ठंड से बचाव के लिए अन्य जरूरी इंतजाम किए जाएं। साथ ही अभिभावकों ने स्कूलों के संचालन को लेकर परिस्थितियों के अनुसार और संवेदनशील निर्णय लेने की अपील की है, ताकि नौनिहालों की सेहत और सुरक्षा से कोई समझौता न हो।





