अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान एडिटर-मान्यता प्राप्त पत्रकार) जनपद में संचालित 25 शैय्या श्रीमती गायत्री देवी राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय आलापुर का बिना शासनादेश के नाम बदलने का मामला उजागर होने पर हुई किरकिरी के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा आननफानन में अस्पताल पर पुनः श्रीमती गायत्री देवी का नाम बढा दिया गया लेकिन पास में ही संचालित सामुदायिक चिकित्सालय से श्रीमती गायत्री देवी का नाम गायब कर दिया गया जबकि उसका उद्घाटन भी तत्कालीन राज्यपाल द्वारा किया गया था जिसका गवाह मौजूद शिलापट है।

(बताते चलेंकि आलापुर क्षेत्र के विकास पुरुष माने जहर वाले स्व.सालिकराम शुक्ल की माता श्रीमती गायत्री देवी के नाम से 1995 में तत्कालीन राज्यपाल मोतीलाल बोरा द्वारा 25 शैय्या श्रीमती गायत्री देवी राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय आलापुर व पास में ही एलोपैथिक अस्पताल श्रीमती गायत्री देवी सामुदायिक चिकित्सालय आलापुर का उद्घाटन किया गया था जिसका शिलापट अभी भी मौजूद है लेकिन बिना शासनादेश व विभागीय मंज़ूरी के ही उक्त दोनों अस्पतालों से श्रीमती गायत्री देवी का नाम मुख्य द्वारा से गायब कर दिया गया था।
(खबर चलने के बाद आयुर्वेदिक अस्पताल पर आननफानन में लिखा गया श्रीमती गायत्री देवी का नाम लेकिन सामुदायिक अस्पताल पर अभी भी गायब है नाम)
उक्त मामले की जानकारी तब हुई जब सामाजिक कार्यकर्ता अमित मांझी द्वारा आरटीआई के माध्यम से जानकारी प्राप्त किया। सूचना न्यूज़ द्वारा 25 शैय्या श्रीमती गायत्री देवी राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय आलापुर की खबर प्रमुखता से प्रसारित की गई थी जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने आननफानन में राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल के आगे श्रीमती गायत्री देवी का नाम बढा दिया गया लेकिन पास में ही मौजूद संयुक्त चिकित्सालय से समाचार लिखे जाने तक श्रीमती गायत्री देवी का नाम गायब है जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्वास्थ विभाग की उक्त लापरवाही का वास्तविक ज़िम्मेदार आखिर कौन है ये सवाल बना हुआ है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी से मांग किया है कि आयुवेर्दिक अस्पताल की तरह तत्काल संयुक्त अस्पताल पर भी श्रीमती गायत्री देवी का नाम जोड़ने का आदेश स्वास्थ्य विभाग को देते हुए इस मामले की जांच करा कर दोषियों की ज़िम्मेदारी भी तय की जाए।





