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किसानों की एकजुटता के कारण बैक हुई केंद्र सरकार – कृषि कानून वापस लेने का किया फैसला

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बाबा साहिब श्री गुरु नानक देव जी महाराज के 552 वें प्रकाश पर्व को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई देते हुए डेढ़ वर्षों से चल रहे किसान आंदोलन को समाप्ति की तरफ ले जाने का फैसला किया और प्रातः लगभग 09 बजे ट्वीट कर कहा कि वो तीनों कृषि कानूनों का फायदा किसानों को समझने का भरपूर प्रयास किया लेकिन समझा नहीं सके और इसलिए तीनों कृषि कानून वापस लेने का निर्णय किया है।
गत डेढ़ वर्ष से अधिक समय से किसान लगातार आंदोलित रहे और किसी भी कीमत पर तीनों नए कृषि कानून को लैगून ना होने देने की कसम खा चुके थे जिसजे कारण आखिरकार किसानों को विजय मिल ही गई।
प्रधानमंत्री ने लिखा कि “आज मैं आपको, पूरे देश को, ये बताने आया हूं कि हमने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का निर्णय लिया है।

इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में, हम इन तीनों कृषि कानूनों को Repeal करने की संवैधानिक प्रक्रिया को पूरा कर देंगे: PM”। इससे पूर्व उन्होंने लिखा कि “किसानों की स्थिति को सुधारने के इसी महाअभियान में देश में तीन कृषि कानून लाए गए थे।

मकसद ये था कि देश के किसानों को, खासकर छोटे किसानों को, और ताकत मिले, उन्हें अपनी उपज की सही कीमत और उपज बेचने के लिए ज्यादा से ज्यादा विकल्प मिले, लेकिन इतनी पवित्र बात, पूर्ण रूप से शुद्ध, किसानों के हित की बात, हम अपने प्रयासों के बावजूद कुछ किसानों को समझा नहीं पाए।कृषि अर्थशास्त्रियों ने, वैज्ञानिकों ने, प्रगतिशील किसानों ने भी उन्हें कृषि कानूनों के महत्व को समझाने का भरपूर प्रयास किया।”
बहरहाल वर्षों से अपनी मांग पर अड़े किसानों को बड़ी सफलता मिली है जिससे किसान प्रकाश पर्व पर ईद व दीपावली की तरह खुशियां मना रहे हैं।

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